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सम्राट चौधरी का तौहफा! खगड़िया ले सकेंगे इको-टूरिज्म और वॉटर स्पोर्ट्स के मजे, जानिए क्या-क्या बनेगा

बिहार के ‘लैंडस्केप’ को बदलने की अपनी प्रतिबद्धता के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने अब खगड़िया की प्राकृतिक विरासत ‘कसरैया धार’ की तकदीर बदलने की तैयारी कर ली है। बुधवार को वन विभाग की हाई-प्रोफाइल टीम के सर्वेक्षण के साथ ही यह साफ हो गया है कि कसरैया धार अब केवल एक जलस्रोत नहीं, बल्कि बिहार के पर्यटन मानचित्र का एक चमकता सितारा बनने जा रहा है।

इस पूरी योजना के पीछे सदर विधायक बबलू मंडल की दीर्घकालिक सोच और सदन में उठाई गई उनकी आवाज है। विधानसभा सत्र के दौरान कसरैया धार की उपेक्षा का मुद्दा उठाने के बाद, अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासनिक मशीनरी फुल एक्शन मोड में है। बुधवार को जब वन विभाग की टीम ने जिलाधिकारी नवीन कुमार और विधायक बबलू मंडल के साथ क्षेत्र का निरीक्षण किया, तो स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ एक सरकारी दौरा नहीं, बल्कि विकास की नई उम्मीद जैसा था।

मानसी, गोगरी और चौथम प्रखंडों को जोड़ने वाली यह जलधारा अपनी अनुपम छटा के लिए मशहूर है। विधायक बबलू मंडल ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि इस परियोजना का लक्ष्य केवल सौंदर्यीकरण नहीं है। उन्होंने कहा:

“सड़क और पुल विकास के बुनियादी ढांचे हैं, लेकिन कसरैया धार जैसे पर्यटन स्थल खगड़िया की आत्मा और अर्थव्यवस्था को बदल देंगे। जब यहाँ पर्यटक आएंगे, तो नाव चलाने वालों से लेकर हस्तशिल्प और छोटे व्यापारियों तक, हजारों स्थानीय युवाओं को घर बैठे रोजगार मिलेगा।”

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, वन विभाग द्वारा जल्द ही एक विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार किया जा रहा है। इस मास्टर प्लान में निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:

  • इको-टूरिज्म और वॉटर स्पोर्ट्स: नौकायन (Boating) और जलक्रीड़ा की संभावनाओं को तराशना।
  • हरित गलियारा: पूरे तटबंध पर वृक्षारोपण और पैदल चलने वालों के लिए आकर्षक पथ।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर: बैठने के लिए बेंच, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था (Solar Lighting) और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम।
  • ऐतिहासिक संरक्षण: इस धार के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाने के लिए सूचना केंद्र।

स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर खासा उत्साह है कि अब खगड़िया के युवाओं को रोजगार के लिए दिल्ली या मुंबई की ओर नहीं ताकना होगा। जिलाधिकारी नवीन कुमार की सक्रियता और सरकार की इच्छाशक्ति का परिणाम है कि वर्षों से फाइलों में दबा यह मुद्दा अब धरातल पर उतर रहा है।

खगड़िया जिले के लिए कसरैया धार का पर्यटन केंद्र बनना एक युगांतकारी कदम साबित होगा। यह न केवल जिले की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करेगा, बल्कि सम्राट चौधरी सरकार के ‘विकसित बिहार’ के संकल्प को भी मजबूती देगा। अब जिलेवासियों को इंतजार है उस दिन का, जब कसरैया की लहरों पर पर्यटन की नई नाव सवारी करेगी।

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