अपनी अनोखी शिक्षण शैली से देशभर में पहचान बनाने वाले खान सर अब बीमारों का दर्द दूर करेंगे। शिक्षा के क्षेत्र में सबसे कम फीस में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के बाद खान सर ने अब स्वास्थ्य सेवाओं को भी आम आदमी की पहुंच में लाने का संकल्प लिया है। बिहार की राजधानी पटना में खान सर ने अपना पहला अत्याधुनिक हॉस्पिटल शुरू किया है, जिसकी दरों ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उनके हॉस्पिटल में 7 रुपये से लेकर 35 रुपये तक में इलाज होगा। इसकी घोषणा खुद खान सर ने की है। आइए जानते हैं उनके भविष्य की योजनाओं को विस्तार से।
गरीबों के लिए ‘मसीहा’ बनीं ये दरें
खान सर ने कहा कि अब न प्यासा कुआं के पास जाएगा न कुंआ प्यासा के पास जाएगा। अब जहां प्यास लगेगी वहीं कुंआ जाएगा। हर जिले में ब्लड बैंक की स्थापना होगी। वहीं उन्होंने कहा कि बिहार के बाद पूरे भारत में ये सेवा शुरू की जाएगी। आज के दौर में जहाँ निजी अस्पतालों में जांच और इलाज के नाम पर हजारों रुपये वसूले जाते हैं, वहीं खान सर के इस हॉस्पिटल में दरें हैरान करने वाली हैं। यहाँ दी जा रही कुछ प्रमुख सुविधाओं की कीमतें इस प्रकार हैं।
ब्लड टेस्ट (Blood Test): मात्र ₹7 में
किडनी की जांच (KFT): मात्र ₹20 में
ECG (दिल की जांच): मात्र ₹25 में
X-Ray (एक्स-रे): मात्र ₹35 में
इन मामूली कीमतों को देखकर यह साफ है कि इस हॉस्पिटल का मुख्य उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि सेवा करना है।
कैंसर और डायलिसिस जैसी गंभीर बीमारियों का होगा इलाज
यह केवल एक छोटा क्लीनिक नहीं, बल्कि एक मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल के रूप में उभरा है। यहाँ सामान्य जांचों के अलावा गंभीर बीमारियों के लिए भी हाई-टेक इंतजाम किए गए हैं:
कैंसर का इलाज: यहाँ कैंसर पीड़ितों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
डायलिसिस यूनिट: किडनी के मरीजों के लिए रियायती दरों पर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है।
ब्लड बैंक: अस्पताल परिसर में अपना अत्याधुनिक ब्लड बैंक भी बनाया गया है, ताकि इमरजेंसी में मरीजों को भटकना न पड़े।
समाज सेवा की नई मिसाल
सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक, खान सर की इस पहल की जमकर तारीफ हो रही है। खान सर का मानना है कि इलाज के अभाव में किसी की जान नहीं जानी चाहिए। शिक्षा की तरह ही उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बिचौलियों और भारी भरकम बिलों के खेल को खत्म करने की शुरुआत कर दी है। यह हॉस्पिटल बिहार ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों के गरीब मरीजों के लिए भी उम्मीद की एक बड़ी किरण बनकर उभरा है। जानकारों का मानना है कि खान सर का यह ‘पटना मॉडल’ भविष्य में देश के स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक प्रेरणा बन सकता है।

