सीमांचल और कोसी की सड़कों पर राज करने वाली महिंद्रा की गाड़ियों की फेहरिस्त में एक ऐसा नाम जुड़ गया है जो न केवल 7 सकेंड में 100 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार पकड़ेगी, बल्कि यह अपने धाकड़ फीचर्स और नई पहचान से सीमाई इलाके में धूम भी मचाएगी। जी हां, हम बात कर रहे हैं महिंद्रा की नई सेवन सीटर XUV 7X0 के बारे में।
Twin peaks लोगो और C-शेप DRLs सड़क पर देगी अलग पहचान
महिंद्रा ने अपने XUV 7XO को Twin Peaks लोगो के साथ लॉच किया है। इसके साथ ही इसके फ्रंट ग्रिल को अन्य गाड़ियों की तुलना में अधिक आक्रमक बनाया गया है। गाड़ी में नई LED हेडलाइट्स और C-शेप के DRLs इसे सड़क पर एक अलग पहचान देते हैं। इसके रियर प्रोफाइल में भी बदलाव किए गए हैं, जिसमें कनेक्टेड LED टेललैंप्स शामिल हैं।
ट्रिपल-स्क्रीन डैशबोर्ड के साथ फीचर्स की भरमार
महिंद्रा ने इस बार तकनीक और आराम पर विशेष ध्यान दिया है। XUV 7XO के केबिन के अंदर अब डॉल्बी विजन (Dolby Vision) सपोर्ट के साथ तीन बड़ी स्क्रीन्स दी गई हैं। जो इंफोटेनमेंट और ड्राइवर डिस्प्ले को भविष्य के अनुकूल बनाती हैं।
लेवल 2 ADAS: सुरक्षा के लिहाज से इसमें एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (Level 2 ADAS) दिया गया है, जो रडार और कैमरा आधारित सुरक्षा प्रदान करता है।
DaVinci सस्पेंशन: डीजल ऑटोमैटिक वेरिएंट में पहली बार नया ‘दा विंची’ सस्पेंशन सिस्टम दिया गया है, जो ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर भी मक्खन जैसी राइड सुनिश्चित करता है।
अन्य फीचर्स: पैनोरमिक सनरूफ, वेंटिलेटेड सीट्स, डुअल-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल और 360-डिग्री कैमरा।
इंजन और परफॉरमेंस
XUV 7XO में पहले की तरह ही दमदार इंजन विकल्प मिलते रहेंगे:
2.0L mStallion टर्बो पेट्रोल: जो बेहतरीन पावर और रफ्तार देता है।
2.2L mHawk डीजल: यह इंजन लंबी दूरी और भारी रास्तों के लिए जाना जाता है।
दोनों ही इंजन मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन विकल्पों के साथ उपलब्ध हैं।
कीमत और बाजार में मुकाबला
महिंद्रा ने इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹13.66 लाख रखी है, जबकि टॉप वेरिएंट ₹24.92 लाख तक जाता है। भारतीय बाजार में इसका सीधा मुकाबला टाटा सफारी (Tata Safari), हुंडई अल्काजर (Hyundai Alcazar) और एमजी हेक्टर प्लस (MG Hector Plus) जैसी गाड़ियों से होगा।
बुकिंग और डिलीवरी का हाल रिपोर्ट्स के अनुसार
नई XUV 7XO की डिमांड इतनी अधिक है कि कुछ लोकप्रिय वेरिएंट्स पर वेटिंग पीरियड 12 महीने तक पहुंच गया है। हालांकि, बेस मॉडल्स की डिलीवरी 4 से 6 हफ्तों के भीतर शुरू की जा सकती है।

