पूर्णिया: खड़गे साहब का अपमान, दलित समाज का अपमान! कांग्रेस ने हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ खोला मोर्चा

पूर्णिया। न्यूजस्टिच
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के विरुद्ध इस्तेमाल की गई भाषा ने राजनीतिक गलियारों में उबाल पैदा कर दिया है। इस विवाद की आग अब बिहार के पूर्णिया तक पहुंच गई है। गुरुवार को पूर्णिया जिला कांग्रेस कमेटी ने स्थानीय आर एन साह चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और असम के मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

यह दलित अस्मिता पर हमला है: कुमार आदित्य
जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुमार आदित्य के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कुमार आदित्य ने इस मामले को दलित अस्मिता से जोड़ते हुए कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे देश के सबसे वरिष्ठ और सम्मानित दलित नेताओं में से एक हैं। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि खड़गे साहब का कद और उनकी प्रतिष्ठा किसी परिचय की मोहताज नहीं है। उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना केवल कांग्रेस का अपमान नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों SC-ST समाज के लोगों का अपमान है। हिमंता बिस्वा सरमा का यह कृत्य भाषाई मर्यादा की सभी सीमाओं को लांघ चुका है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश
विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व अध्यक्ष नीरज कुमार उर्फ छोटू सिंह ने संवैधानिक पदों की गरिमा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब एक मुख्यमंत्री ही भाषाई मर्यादा छोड़ दे, तो संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की उम्मीद किससे की जाए। वहीं, प्रदेश प्रवक्ता जयवर्धन सिंह ने इसे एक सोची-समझी रणनीति बताया। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष जानबूझकर ऐसे बयान देता है ताकि जनता का ध्यान महंगाई और बेरोजगारी जैसे मूल मुद्दों से भटकाकर नफरत की राजनीति को हवा दी जा सके।

सड़कों पर उतरा कार्यकर्ताओं का हुजूम
आर एन साह चौक पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने असम सरकार और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुतला दहन के समय माहौल काफी उत्तेजित रहा। इस विरोध कार्यक्रम में जिले के कई वरिष्ठ नेता और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी शामिल रहे, जिनमें मुख्य रूप से पूर्व अध्यक्ष छोटू सिंह, दिनकर स्नेही, गौतम वर्मा, सबाब अनवर, करण यादव, अली खान, अफरोज खान, मो. निसार अहमद, पिछड़ा प्रकोष्ठ अध्यक्ष अखिलेश कुमार, अनिल राम, अशोक हंसदा, मो. विक्टर, मो. आरिफ, शाहिद हुसैन, मो. मुस्ताक, मो. दाऊद, मो. सफ़ीक़, अब्दुल हयी, और रघुनंदन शाह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस जन उपस्थित थे. कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यदि इस तरह की बयानबाजी पर अंकुश नहीं लगाया गया और सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगी गई, तो यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *