बिहार के पूर्वी चंपारण जिला अंतर्गत हरैया थाने की पुलिस और गठित एसआईटी (SIT) ने अंतरराज्यीय ट्रक गबन मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है। आईसीपी (इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट) से तमिलनाडु के लिए चले रिफाइंड तेल के खेप को रास्ते में ही खपाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने ट्रक मालिक समेत तीन ड्राइवरों को गिरफ्तार किया है।
विश्वासघात की पूरी कहानी
मामला तब शुरू हुआ जब आईसीपी के जरिए तीन ट्रकों में भारी मात्रा में रिफाइंड तेल लोड कर उसे तमिलनाडु में डिलीवरी के लिए भेजा गया था। योजना के मुताबिक, इन ट्रकों को दक्षिण भारत पहुंचना था, लेकिन ट्रक मालिक और चालकों की नीयत डोल गई। ट्रक मालिक ने अपने ड्राइवरों के साथ मिलकर एक साजिश रची और तमिलनाडु जाने के बजाय रास्ते में ही रिफाइंड तेल को दूसरे ग्राहकों को बेच दिया। मुनाफे के लालच में आरोपियों ने साक्ष्यों को मिटाने और पकड़े जाने के डर से अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए, जिससे ट्रांसपोर्टर और कंपनी का उनसे संपर्क पूरी तरह टूट गया।
SIT का गठन और झारखंड में छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचनाओं के आधार पर एसआईटी ने अपनी जांच का दायरा पड़ोसी राज्य झारखंड तक फैलाया। कड़ियों को जोड़ते हुए टीम ने झारखंड में छापेमारी की, जहां से गबन में प्रयुक्त एक ट्रक को बरामद किया गया। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने तीन ड्राइवरों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान रोहित कुमार, पिंटू कुमार और कुलदीप सिंह के रूप में हुई है। पूछताछ में यह बात सामने आई कि इन तीनों ने ट्रक मालिक के साथ मिलकर पूरे माल को बीच रास्ते में ही ठिकाने लगा दिया था।
पुलिस की बड़ी सफलता
हरैया थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और गिरोह के अन्य संभावित संपर्कों की तलाश की जा रही है। पुलिस इसे एक बड़ी सफलता मान रही है क्योंकि इस तरह के संगठित गबन से न केवल व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि अंतरराज्यीय परिवहन की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होते हैं।

