बिहार के नालंदा जिले से खाकी को शर्मसार करने वाली एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पुलिस प्रशासन की संवेदनशीलता पर कालिख पोत दी है। जिले के थरथरी थाना क्षेत्र में एक थानाध्यक्ष द्वारा कानून की मर्यादा को ताक पर रखकर एक महिला (आंगनबाड़ी सेविका) के साथ मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसके बाद पुलिसिया दबंगई पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
गिरफ्तारी का कारण पूछने पर ‘थप्पड़’ का जवाब
पूरा मामला थरथरी थाना क्षेत्र के दिरी पर गांव का है। बताया जा रहा है कि पुलिस की टीम 2014 के एक पुराने मामले में फरार चल रहे आरोपी राम बच्चन को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची थी। पुलिस ने राम बच्चन को हिरासत में ले लिया, लेकिन जब घर की महिलाओं ने गिरफ्तारी की वजह जाननी चाही और विरोध जताया, तो थानाध्यक्ष अपना आपा खो बैठे।
महिला पुलिसकर्मी बनी रहीं मूकदर्शक
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मौके पर महिला पुलिसकर्मी मौजूद थीं, जिनकी जिम्मेदारी महिलाओं को नियंत्रित करने की थी। इसके बावजूद, थरथरी थानाध्यक्ष ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए आंगनबाड़ी सेविका के बाल पकड़कर उन्हें जोर से झटका दिया और सरेआम थप्पड़ जड़ दिया। वर्दी की धौंस में चूर थानाध्यक्ष ने यह भी भूल जाना उचित समझा कि किसी भी महिला पर पुरुष पुलिसकर्मी द्वारा हाथ उठाना कानूनी और नैतिक रूप से गलत है।
वीडियो वायरल होने पर बढ़ा आक्रोश
पुलिस ने आरोपी राम बच्चन को तो गिरफ्तार कर लिया, लेकिन थानाध्यक्ष की इस अभद्रता ने पूरे गांव में आक्रोश पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर महिला ने विरोध किया भी था, तो महिला पुलिसकर्मियों को आगे करना चाहिए था, न कि खुद थानेदार को हाथ उठाना चाहिए था। सोशल मीडिया पर लोग वीडियो साझा कर नालंदा एसपी और बिहार डीजीपी से आरोपी थानेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि विभाग अपनी साख बचाने के लिए इस दबंग थानाध्यक्ष पर क्या कार्रवाई करता है।

