Nitish Kumar resignation letter submission via Sanjay Gandhi to Awadhesh Narain Singh

नीतीश नहीं रहेंगे CM! कल 11:30 बजे राज्यसभा के लिए भरेंगे पर्चा

बिहार की राजनीति में आज वह क्षण आ गया है जिसका कयास पिछले कई दिनों से लगाया जा रहा था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की सक्रिय राजनीति से केंद्र की ओर कदम बढ़ाने का फैसला कर लिया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार कल (5 मार्च, गुरुवार) सुबह 11:30 बजे बिहार विधानसभा में राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल करेंगे।

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर के साथ ही सबसे चौंकाने वाली जानकारी यह आ रही है कि उनके इकलौते बेटे निशांत कुमार को बिहार मंत्रिमंडल में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।

  • डिप्टी सीएम की चर्चा: सियासी गलियारों में खबर है कि निशांत कुमार को बिहार का डिप्टी सीएम (उप-मुख्यमंत्री) बनाया जा सकता है।
  • युवा नेतृत्व: इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके निशांत कुमार को जेडीयू के नए और आधुनिक चेहरे के रूप में पेश किया जा रहा है। अशोक चौधरी समेत कई बड़े नेताओं ने इसे पार्टी के लिए ‘होली का सबसे बड़ा तोहफा’ करार दिया है।

नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना उनके 50 साल के बेदाग और संघर्षपूर्ण राजनीतिक सफर का एक नया पड़ाव है। उनके करियर के मुख्य बिंदु:

  1. छात्र राजनीति (1974): जेपी आंदोलन से शुरुआत की और आपातकाल के दौरान जेल गए।
  2. संसद का सफर (1989): पहली बार लोकसभा पहुँचे और वाजपेयी सरकार में रेल, कृषि और भूतल परिवहन मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले।
  3. बिहार के ‘सुशासन बाबू’ (2005): 2005 में पूर्ण बहुमत के साथ बिहार के मुख्यमंत्री बने और राज्य की कानून-व्यवस्था व बुनियादी ढांचे को पुनर्जीवित किया।
  4. रिकॉर्ड 10 बार शपथ: उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में रिकॉर्ड 10 बार शपथ ली, जो भारतीय राजनीति में एक मिसाल है।
  5. चारों सदनों के सदस्य: राज्यसभा सदस्य बनते ही नीतीश कुमार उन गिने-चुने नेताओं की श्रेणी में शामिल हो जाएंगे जो विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा—इन चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं।

नीतीश कुमार के दिल्ली जाने और निशांत कुमार की एंट्री से एनडीए (NDA) गठबंधन के भीतर भी नए तालमेल की खबरें हैं। माना जा रहा है कि बीजेपी के किसी बड़े चेहरे को मुख्यमंत्री की कमान मिल सकती है, जबकि निशांत कुमार जेडीयू के कोटे से सरकार और संगठन के बीच सेतु का काम करेंगे।

कल सुबह 11:30 बजे जब नीतीश कुमार विधानसभा में अपना नामांकन दाखिल करेंगे, तब न केवल एक व्यक्ति बल्कि बिहार की राजनीति का एक पूरा ‘युग’ करवट लेगा।

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