राजधानी पटना के दीघा थाना क्षेत्र स्थित जनार्दन घाट पर रविवार को एक हृदयविदारक हादसा हुआ। छुट्टी के दिन गंगा स्नान करने गए बेली रोड निवासी दो नाबालिग स्कूली बच्चे नहाने के दौरान अचानक गहरे पानी में डूबने लगे। घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों की तत्परता और साहस की वजह से एक बच्चे को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दूसरा बच्चा गंगा की तेज धारा की चपेट में आकर गहरे पानी में समा गया।
SDRF ने 2 घंटे बाद बरामद किया शव
मृतक छात्र की पहचान बेली रोड निवासी हर्ष के रूप में हुई है, जो आठवीं कक्षा का छात्र था। घटना के बाद घाट पर भारी भीड़ जमा हो गई और परिजनों के बीच कोहराम मच गया। हादसे की सूचना मिलते ही दीघा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय गोताखोरों के साथ-साथ एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को तत्काल रेस्क्यू के लिए बुलाया गया।
गंगा की तेज लहरों के बीच करीब दो घंटे तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने हर्ष के शव को नदी की गहराई से बाहर निकाला। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के कारण घाटों पर नहाना अत्यंत जोखिम भरा हो गया है, ऐसे में नाबालिग बच्चों का बिना किसी बड़े की निगरानी के गहरे पानी में जाना जानलेवा साबित हो रहा है।
चैती छठ के अवसर पर हुई थी घटना
राजधानी पटना के मालसलामी थाना क्षेत्र स्थित दमराही घाट पर चैती छठ के अवसर पर गंगा स्नान के दौरान पांच युवक गहरे पानी में समा गए थे। जिनमें से दो युवकों को स्थानीय लोगों सुरक्षित बाहर निकाला था। लेकिन दो किशोरों की अस्पताल में मौत हो गई थी।
बैरिकेडिंग पार करना पड़ा था भारी
चैती छठ के अवसर पर कंकड़बाग थाना क्षेत्र के जोगीपुर मोहल्ले के पांच दोस्त चैती छठ पूजा के सिलसिले में मालसलामी के दमराही घाट आए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रशासन द्वारा घाट पर सुरक्षा के लिहाज से लगाई गई बैरिकेडिंग को लांघकर ये सभी युवक गहरे पानी में चले गए। नदी की गहराई का सही अंदाजा न होने के कारण एक युवक डूबने लगे थे, जिसे बचाने के चक्कर में पांचों दोस्त एक-दूसरे को पकड़कर डूबने लगे।

