पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है। बिहार पुलिस ने इस ‘मर्डर मिस्ट्री’ की गुत्थी सुलझाने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पुलिस ने छात्रा के चाचा और चचेरे दादा समेत कुल छह लोगों को डीएनए (DNA) टेस्ट के लिए समन जारी किया है।
आधी रात को गांव पहुंची पुलिस
सोमवार की आधी रात को शकुराबाद थाना पुलिस छात्रा के पैतृक गांव पतियावां पहुंची। यहां पुलिस ने मृतका के चाचा, चचेरे दादा और एक अन्य परिजन को डीएनए जांच के लिए समन सौंपा। इसके तुरंत बाद पुलिस की टीम मखदुमपुर थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर और पल्या गांव पहुंची, जहां से दो युवकों को नोटिस दिया गया। वहीं, जहानाबाद शहर के पूर्वी गांधी मैदान इलाके से भी एक युवक को इस जांच के दायरे में लाया गया है।
क्यों अहम है DNA टेस्ट?
घटना के बाद से ही पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही थी। शुरुआती पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिसके आधार पर पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इस संदिग्ध मौत के पीछे किसी करीबी या परिचित का हाथ तो नहीं है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से बरामद साक्ष्यों का मिलान इन छह संदिग्धों के डीएनए से कराया जाएगा। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
अब तक क्या हुआ?
पटना के एक हॉस्टल में छात्रा का शव मिलने के बाद से ही परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस ने पहले हॉस्टल के कर्मियों और छात्रा के सहपाठियों से पूछताछ की थी। सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स खंगालने के बाद पुलिस की रडार पर अब ये छह लोग आए हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद इस केस की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी और दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।

