समाज में रसूख रखने वाले चेहरों के पीछे छिपे काले कारनामों का एक बड़ा खुलासा पूर्णिया में हुआ है। लाइन बाजार स्थित एक निजी अस्पताल के संचालक को पुलिस ने एटीएम कार्ड की हेराफेरी करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह मामला न केवल ठगी का है, बल्कि यह बताता है कि कैसे ‘सफेदपोश’ लोग अपनी सामाजिक छवि का इस्तेमाल अपराध के ढाल के रूप में कर रहे हैं।
मदद के बहाने ‘हाथ की सफाई’
घटना सदर थाना क्षेत्र के गुलाबबाग की है। आरोपी, जिसकी पहचान सहायक खजांची थाना क्षेत्र निवासी मो. इम्तियाज के रूप में हुई है, एक एटीएम बूथ के पास शिकार की तलाश में खड़ा था। जैसे ही एक व्यक्ति पैसे निकालने पहुँचा, इम्तियाज ने मदद करने का झांसा दिया। इसी दौरान उसने पलक झपकते ही पीड़ित का असली एटीएम कार्ड बदलकर दूसरा कार्ड थमा दिया।
भीड़ का फूटा गुस्सा, जमकर हुई धुनाई
इम्तियाज की किस्मत इस बार खराब थी। बूथ के पास मौजूद कुछ जागरूक लोगों ने उसकी संदिग्ध हरकतों को नोट कर लिया था। जैसे ही उसने कार्ड बदला, लोगों ने उसे दबोच लिया। रंगे हाथ पकड़े जाने पर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया और मौके पर ही उसकी ‘सिटिजन कोर्ट’ में धुनाई हो गई। बाद में सूचना मिलने पर पहुँची सदर थाना पुलिस ने उसे अपनी कस्टडी में ले लिया।
पुराना ‘खिलाड़ी’ है अस्पताल संचालक
जांच में जो बात सामने आई वह और भी चौंकाने वाली है। अस्पताल चलाने की आड़ में ठगी करने वाला इम्तियाज पहले भी सलाखों के पीछे जा चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ समय पहले हरदा क्षेत्र में भी उसे इसी तरह कार्ड बदलते पकड़ा गया था। जेल से बाहर आने के बाद उसने अपना पेशा नहीं बदला, बल्कि सफेदपोश छवि का फायदा उठाकर ठगी जारी रखी।
सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस ‘अस्पताल संचालक’ ने अब तक कितने लोगों की जमापूंजी पर डाका डाला है।

