मानवता और शांति का संदेश विश्वभर में फैलाने वाले ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर के 70वें जन्मदिवस के अवसर पर बिहार के पूर्णिया जिले में जबरदस्त उत्साह देखा गया। इस विशेष दिन को चिह्नित करने के लिए आर्ट ऑफ लिविंग की पूर्णिया इकाई के सदस्यों ने भव्य प्रभातफेरी निकाली, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज को नशा मुक्त बनाने के प्रति जागरूक करना था।
भक्ति और जागरूकता का संगम
बुधवार की सुबह शहर की सड़कों पर सफेद वस्त्रों में सजे अनुयायियों का हुजूम उमड़ पड़ा। प्रभातफेरी का शुभारंभ शहर के ऐतिहासिक भट्ठा दुर्गाबाड़ी से हुआ। हाथों में जागरूकता की तख्तियां और “नशा मुक्त भारत” के नारे लगाते हुए श्रद्धालु शहर के विभिन्न मार्गों पर निकले। यह यात्रा भट्ठा दुर्गाबाड़ी से प्रारंभ होकर झंडा चौक पहुँची, जहाँ स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना की।
वहां से प्रभातफेरी आरएन साह चौक, गिरजा चौक और थाना चौक होते हुए गुजरी। पूरे रास्ते “जय गुरुदेव” के जयकारों और शंखध्वनि से वातावरण भक्तिमय बना रहा। संस्था के सदस्यों ने आमजन को यह संदेश दिया कि श्रीश्री रविशंकर का विजन “तनाव मुक्त मन और हिंसा मुक्त समाज” का है, और नशा मुक्ति इस दिशा में पहला कदम है।
कला भवन में समापन
विभिन्न मुख्य चौराहों का भ्रमण करते हुए प्रभातफेरी अंततः कला भवन परिसर में पहुँचकर संपन्न हुई। यहाँ एकत्रित सदस्यों ने विश्व शांति के लिए प्रार्थना की और गुरुदेव के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रीश्री रविशंकर के जन्मदिन को वे सेवा और साधना के पर्व के रूप में मना रहे हैं।
आज शाम सजेगी भजनों की शाम
जन्मदिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रमों का सिलसिला यहीं नहीं थमा है। जानकारी के अनुसार, आज यानी 13 मई की शाम को कला भवन में एक भव्य ‘भजन संध्या’ का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अंतरराष्ट्रीय स्तर के ख्याति प्राप्त गायकों की उपस्थिति होगी, जो अपनी सुमधुर आवाज और कला के प्रदर्शन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। स्थानीय स्वयंसेवकों ने बताया कि शाम के कार्यक्रम में शहर के गणमान्य व्यक्तियों सहित भारी संख्या में आम लोगों के जुटने की संभावना है। संस्था ने सभी नागरिकों से इस आध्यात्मिक शाम का हिस्सा बनने की अपील की है ताकि गुरुदेव के जन्मदिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाया जा सके।

