पूर्णिया।न्यूजस्टिच
अक्सर घर की चारदीवारी और किचन की व्यस्तताओं में उलझी रहने वाली माताओं ने जब शतरंज के 64 खानों पर अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय दिया, तो देखने वाले दंग रह गए। मौका था ‘मदर्स डे’ (मातृ दिवस) का, जिसे पूर्णिया में एक बेहद अनोखे और बौद्धिक अंदाज में मनाया गया। विभा रानी मेमोरियल एक दिवसीय निशुल्क शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन टार्गेट जीएम शतरंज क्लब द्वारा खेल भवन सह व्यायामशाला में किया गया, जहाँ ममता के हाथों ने इस बार प्यादों और वजीरों की कमान संभाली।
जब ‘मम्मियों’ ने चली चाल, टेबल पर हुआ ‘चेक मेट’
इस प्रतियोगिता की सबसे दिलचस्प और प्रेरक बात यह रही कि इसमें पूर्णिया जिले की उन 10 महिला शतरंज खिलाड़ियों की माताओं ने हिस्सा लिया, जो खुद राज्य और जिला स्तर पर नाम रोशन कर रही हैं। अपनी बेटियों को हर दिन खेलते देख और उन्हें प्रोत्साहित करने वाली इन माताओं ने जब खुद बोर्ड संभाला, तो उनके खेल में वही धैर्य और दूरदर्शिता दिखी जो वे अपने परिवार को चलाने में दिखाती हैं।
विजेताओं का सम्मान
कड़े मुकाबले और दिमागी कसरत के बाद श्वेता ने अपनी सटीक चालों से प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, कोमल किरण भारती ने दूसरा और प्रिया कुमारी केसरी ने तीसरा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद टार्गेट जीएम शतरंज क्लब की वर्किंग प्रेसिडेंट स्वाति अग्रवाल ने सभी विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, सर्टिफिकेट और विशेष उपहार देकर सम्मानित किया।
सफल आयोजन और निर्णायक भूमिका
कार्यक्रम का शानदार मंच संचालन क्लब के संस्थापक सचिव अमृत साजन ने किया, जबकि निष्पक्ष खेल सुनिश्चित करने के लिए मुख्य निर्णायक की भूमिका किशनगंज से आए निरोज खान ने निभाई।
प्रतियोगिता में शामिल अन्य खिलाड़ी:
प्रतियोगिता में पूजा प्रिया (चौथा स्थान), कल्पना कुमारी, अंजलि, रूपम कुमारी सिंह, अनुपमा झा, निधि कुमारी और अमृता कुमारी ने भी हिस्सा लिया और खेल भावना का परिचय दिया। यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि उन माताओं के सम्मान का एक मंच था जो पर्दे के पीछे रहकर अपने बच्चों की सफलता की कहानी लिखती हैं। खेल के मैदान पर इन माताओं की सक्रियता ने यह संदेश दिया कि सीखने और जीतने की कोई उम्र नहीं होती।

