भागलपुर। न्यूजस्टिच
बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार की शाम उस वक्त कोहराम मच गया। जब हथियारबंद अपराधियों ने दिन-दहाड़े दुस्साहस का परिचय देते हुए सभापति और कार्यपालक पदाधिकारी (EO) को निशाना बनाया। कार्यालय के भीतर घुसकर की गई इस अंधाधुंध फायरिंग में सभापति राजकुमार गुड्डू और ईओ गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में इस खूनी संघर्ष के पीछे टेंडर की प्रक्रिया और आपसी रंजिश को मुख्य वजह माना जा रहा है। इस घटना में घायल ईओ की मौत हो गई है. वहीं सभापति की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। घटना का सीसीटीवी भी वायरल हो गया है। इसमें लुंगी और गंजी में तीन हमलावर ईओ ऑफिस में घुसते दिख रहे हैं। इसके बाद झोला से बंदुक निकाल ताबड़तोड़ फायरिंग करते दिख रहे हैं। इस घटना के बाद वहां पर अफरातफरी का माहौल हो गया.
दहशत के वो चंद मिनट: प्रत्यक्षदर्शी की जुबानी
घटना के प्रत्यक्षदर्शी कृष्ण भूषण उर्फ रंजीत कुमार ने बताया कि शाम के लगभग 4 बजे थे। नगर परिषद कार्यालय में सामान्य कामकाज चल रहा था। सभापति राजकुमार गुड्डू और कार्यपालक पदाधिकारी अपने चेंबर में मौजूद थे। स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य भी अंदर बैठे चर्चा कर रहे थे। इसी बीच अचानक एक बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर 3 से 5 अपराधी कार्यालय परिसर में दाखिल हुए। बिना किसी चेतावनी के अपराधी सीधे सभापति के चेंबर में घुस गए और फायरिंग शुरू कर दी। रंजीत के अनुसार पहले दो गोलियां चलीं और उसके बाद लगातार चार राउंड फायरिंग की आवाज आई। कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। जब हम अंदर दौड़े, तो देखा कि सभापति और ईओ साहब खून से लथपथ गिरे हुए थे।
ईओ का अदम्य साहस: अपराधियों से भिड़ गए अधिकारी
SSP प्रमोद यादव ने बताया कि शाम करीब 4:05 बजे हुई इस वारदात में कार्यपालक पदाधिकारी ने अद्भुत साहस का परिचय दिया। जब अपराधियों ने सभापति पर हमला किया, तो ईओ ने पीछे हटने के बजाय अपराधियों का मुकाबला किया। सीसीटीवी फुटेज में कैद तस्वीरों के अनुसार, ईओ ने अपराधियों को रोकने के लिए उनसे काफी देर तक संघर्ष किया। इसी झड़प के दौरान बेखौफ अपराधियों ने उन पर भी गोलियां चला दीं।
एसएसपी के मुताबिक, ईओ की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। प्रथम दृष्टया उनकी मृत्यु की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि डॉक्टरों की रिपोर्ट के बाद ही होगी। सभापति राजकुमार गुडू के सिर में गोली लगी है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। प्रशासन उनकी बेहतर चिकित्सा की निगरानी कर रहा है।
जांच और कार्रवाई: टेंडर विवाद की बू
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जिला पदाधिकारी स्वयं अस्पताल पहुंचे और घायलों के उपचार की व्यवस्था संभाली। SSP ने बताया कि पुलिस की 3 से 4 विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं जो विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस की जांच के मुख्य बिंदु:
सीसीटीवी फुटेज: पुलिस को कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज मिल गए हैं, जिनमें दो अपराधियों की स्पष्ट पहचान कर ली गई है।
टेंडर विवाद: प्राथमिक जानकारी के अनुसार, नगर परिषद में चल रही टेंडर की प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराया हुआ था। माना जा रहा है कि अपराधियों ने टेंडर में अपनी धाक जमाने या किसी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया।
आपसी रंजिश: पुलिस इसे पुरानी रंजिश के एंगल से भी देख रही है।
प्रशासन का पक्ष
SSP प्रमोद यादव ने कहा कि हमने अपराधियों की पहचान कर ली है। उनकी गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी की जा रही है। यह सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था को चुनौती है। जल्द ही इस कांड का खुलासा कर दिया जाएगा। फिलहाल सुल्तानगंज में तनाव का माहौल है। नगर परिषद कार्यालय को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। टेंडर की प्रक्रिया के नाम पर शुरू हुआ यह विवाद अब एक बड़े आपराधिक मामले में तब्दील हो चुका है। जिसने पूरे बिहार के प्रशासनिक गलियारों को हिलाकर रख दिया है।

