पूर्णिया। न्यूजस्टिच
बिहार की धरती अब केवल मेधावी छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले खिलाड़ियों की नर्सरी के रूप में भी पहचानी जा रही है। इसी कड़ी में सीमांचल के हृदय स्थल पूर्णिया के लिए एक बेहद गौरवशाली और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। जिले के उभरते रग्बी खिलाड़ी सुमित बेसरा का चयन ’69वीं राष्ट्रीय विद्यालय रग्बी चैम्पियनशिप 2025-26′ के लिए अंडर-17 आयु वर्ग की बिहार टीम में हुआ है। सुमित अब ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के प्रतिष्ठित कलिंगा स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस रग्बी महाकुंभ में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे।
कड़ी मेहनत और अटूट समर्पण का परिणाम
सुमित बेसरा का राष्ट्रीय टीम में चयन होना उनके वर्षों के कड़े अभ्यास और खेल के प्रति अटूट समर्पण का परिणाम है। पूर्णिया जैसे क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय पटल पर अपनी जगह बनाना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। इस चयन पर खुशी जाहिर करते हुए पूर्णिया रग्बी के जिला सचिव शुभम आनंद ने सुमित को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सुमित ने मैदान पर जो पसीना बहाया है, आज उसी का फल है कि वह बिहार की जर्सी पहनकर देश के दिग्गज खिलाड़ियों के सामने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

मार्गदर्शन और सरकारी प्रोत्साहन की बड़ी भूमिका
इस सफलता के पीछे सुमित की मेहनत के साथ-साथ सही मार्गदर्शन की भी अहम भूमिका रही है। जिला सचिव शुभम आनंद ने बिहार रग्बी के सचिव आदरणीय डॉ. पंकज कुमार ज्योति सर का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि डॉ. ज्योति के निरंतर मार्गदर्शन और मोटिवेशन ने खिलाड़ियों के भीतर जीत का जज्बा पैदा किया है। इसके साथ ही उन्होंने बिहार सरकार के खेल विभाग और खेल प्राधिकरण को भी दिल से धन्यवाद दिया। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार सरकार ने खेल नीतियों में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे ग्रामीण और छोटे शहरों के खिलाड़ियों को बेहतर मंच मिल पा रहा है।
भुवनेश्वर में 6 से 10 अप्रैल तक होगा मुकाबला
69वीं राष्ट्रीय विद्यालय रग्बी चैम्पियनशिप का आयोजन 6 से 10 अप्रैल 2026 तक भुवनेश्वर के विश्व प्रसिद्ध कलिंगा स्टेडियम में किया जा रहा है। यह स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का गवाह रहा है, जहाँ अब सुमित बेसरा की रफ़्तार और ताकत देखने को मिलेगी। पूर्णिया के खेल प्रेमियों और रग्बी खिलाड़ियों में सुमित के चयन से भारी उत्साह है। सभी ने सुमित के उज्ज्वल भविष्य और प्रतियोगिता में बिहार की जीत के लिए ढेरों मंगलकामनाएं दी हैं। यह उपलब्धि न केवल सुमित के लिए, बल्कि पूर्णिया के हर उस युवा के लिए एक मिसाल है जो खेल को अपने करियर के रूप में देख रहा है।

