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जैसे ही गाड़ी रुकी…बाइक वाले की ताबड़तोड़ फायरिंग! शुभेंदु अधिकारी के PA की मौत, कैसे हुई वारदात? चश्मदीद की जुबानी

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर रक्त रंजित हो उठी है। राज्य के कद्दावर भाजपा नेता और नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी और निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना उस समय हुई जब वे कार से जा रहे थे। इस जघन्य हत्याकांड ने राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक शुचिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना रात करीब 10:30 से 11:00 बजे के बीच की है। मध्यमग्राम के एक स्थानीय अस्पताल से महज 200-300 मीटर की दूरी पर इस वारदात को अंजाम दिया गया। एक चश्मदीद ने रूह कंपा देने वाला आंखों देखा हाल बताते हुए कहा, “चंद्रनाथ (चंद्रा) की कार मेरी गाड़ी के पास से गुजरी ही थी कि अचानक बीच रास्ते में रुक गई। तभी एक बाइक सवार तेजी से आया और कार के बाईं ओर से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हमलावर इतना माहिर लग रहा था कि उसकी एक भी गोली मिस नहीं हुई। उसने बिल्कुल करीब से दो राउंड गोलियां दागीं और तुरंत वहां से फरार हो गया।”

इस हमले में न केवल चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाया गया, बल्कि कार के ड्राइवर को भी गोलियां लगी हैं। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में घायल चंद्रनाथ को पास के अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को फिलहाल पोस्टमॉर्टम के लिए बारासात अस्पताल भेज दिया गया है।

चंद्रनाथ रथ का व्यक्तित्व काफी प्रभावशाली और अनुशासित था। राजनीति में आने से पहले वे भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) में अपनी सेवाएं दे चुके थे। वायुसेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने के बाद, उन्होंने कुछ समय के लिए कॉर्पोरेट सेक्टर में भी काम किया। उनकी प्रशासनिक क्षमता और रणनीतिक कौशल को देखते हुए वे धीरे-धीरे राजनीतिक समन्वय के क्षेत्र में आगे बढ़े।

2019 में, जब शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी सरकार में कद्दावर मंत्री थे, तब चंद्रनाथ उनकी टीम का हिस्सा बने। तब से लेकर आज तक, वे शुभेंदुु अधिकारी के साए की तरह रहे। नंदीग्राम चुनाव हो या भवानीपुर का सियासी समर, चंद्रनाथ ने पर्दे के पीछे रहकर शुभेंदु के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका निभाई थी।

इस हत्याकांड के बाद भाजपा नेतृत्व ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं का स्पष्ट कहना है कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं, बल्कि एक सोची-समझी ‘पॉलिटिकल मर्डर’ है।

दिलीप हलदर (भाजपा नेता): “यह पूरी तरह से राजनीतिक मकसद से की गई हत्या है। पिछले डेढ़-दो महीनों में चंद्रा ने नंदीग्राम और भवानीपुर में जिस तरह से काम किया, उससे सत्ता पक्ष में भारी आक्रोश था। यह उसी आक्रोश का नतीजा है। यह एक ‘टारगेटेड किलिंग’ है, क्योंकि एक भी गोली अपने निशाने से नहीं चूकी। शुभेंदु अधिकारी इस मामले में चुप नहीं बैठेंगे, कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

दिलीप घोष (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष): खड़गपुर से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक दिलीप घोष ने घटना पर दुख जताते हुए कहा, “हमारे नेता के पीए पर हमला होना बेहद गंभीर है। राज्य में हिंसा का यह दौर थमना चाहिए। भाजपा अब शक्तिशाली स्थिति में है, हालांकि पूर्ण सत्ता अभी हाथ में नहीं आई है, लेकिन पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। यह लड़ाई असल में टीएमसी के आंतरिक गुटों की है, जिसका खामियाजा भाजपा कार्यकर्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।”

कीया घोष (भाजपा नेत्री): कीया घोष ने सीधे तौर पर ममता बनर्जी और उनके भतीजे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “2021 की यादें ताजा हो गई हैं। टीएमसी की हताशा अब हिंसा के रूप में बाहर आ रही है। चंद्रा का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने भवानीपुर चुनाव में शुभेंदु अधिकारी के लिए जमकर मेहनत की, जिसके कारण ममता बनर्जी को वहां हार का स्वाद चखना पड़ा। शुभेंदु अधिकारी ने चूंकि मुख्यमंत्री को हराया है, इसलिए उनके करीबियों को निशाना बनाया जा रहा है। यह पिछले 15 साल के ‘गुंडाराज’ का आखिरी नमूना है।”

भाजपा के दावों के केंद्र में भवानीपुर और नंदीग्राम के चुनाव हैं। नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराकर एक बड़ा उलटफेर किया था। भाजपा का आरोप है कि चंद्रनाथ रथ वह व्यक्ति थे जो शुभेंदु की जमीनी रणनीति को अंजाम देते थे। भवानीपुर में भी शुभेंदु के बढ़ते प्रभाव और वहां चुनावी प्रबंधन में चंद्रनाथ की सक्रियता ने टीएमसी को असहज कर दिया था। भाजपा नेताओं का मानना है कि इसी चुनावी हार का बदला लेने के लिए एक ‘नॉन-पॉलिटिकल’ व्यक्ति की हत्या कर दी गई।

अस्पताल के इतने करीब और भीड़भाड़ वाले इलाके में रात के समय इस तरह की वारदात होना पश्चिम बंगाल पुलिस की सतर्कता पर बड़े सवाल खड़े करता है। जिस पेशेवर अंदाज में शूटर ने हमला किया, उससे साफ है कि चंद्रनाथ की रेकी की गई थी और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। पूरे उत्तर 24 परगना जिले में तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।

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