पहले अंतिम संस्कार, फिर श्राद्ध और संपिण्डन, अगले दिन पहुंचा युवक का शव, निजी अस्पताल की संवेदनहीनता की नायाब कहानी
इसी कड़ी में सुपौल जिला के किशनपुर प्रखण्ड के श्रीपुर सुखासन में जो वाकया घटित हुआ वह मानवीय संवेदना को झकझोरने वाला है और धरती का भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों और निजी अस्पताल संचालकों की संवेदनहीनता का जीता-जागता उदाहरण है।

