राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में एक नए युग की शुरुआत हुई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालू प्रसाद यादव के सानिध्य और निर्देशों के अनुसार, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों ने सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को राजद का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना है। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभालने के बाद तेजस्वी यादव ने न केवल अपने समर्थकों का आभार व्यक्त किया, बल्कि आगामी संघर्षों के लिए पार्टी का विजन भी स्पष्ट किया।
भावुक हुए तेजस्वी, कार्यकर्ताओं का जताया आभार
पदभार ग्रहण करते समय तेजस्वी यादव काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “आदरणीय लालू जी के मार्गदर्शन में मुझे यह जिम्मेदारी मिली है, इसके लिए मैं सभी सदस्यों और जनता जनार्दन का ऋणी हूँ। मैं उन संस्थापक सदस्यों के त्याग और साहस को नमन करता हूँ जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में इस दल की नींव रखी थी।
सामाजिक न्याय और बाबा साहेब का रास्ता
तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता समाज के गरीब, दलित, शोषित और वंचित वर्गों को न्याय दिलाना होगी। उन्होंने संकल्प लेते हुए कहा कि वह डॉ. भीमराव अंबेडकर के दिखाए रास्ते पर चलेंगे और ज्योतिबा फुले की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर बिहार में अशिक्षा, बेरोजगारी और गरीबी के खिलाफ अंतिम सांस तक लड़ेंगे।
तानाशाही और सांप्रदायिकता के विरुद्ध ‘अग्निपरीक्षा’
देश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर प्रहार करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि यह समय ‘अग्निपरीक्षा’ का है। उन्होंने कहा कि “देश और दुनिया में तानाशाही, हिंसा और सामंतवाद चरम पर है। लेकिन अंत में जीत सत्य की ही होती है। यह बिहार जेपी, कर्पूरी, जगदेव और लालू के आंदोलनों की धरती है। हम सांप्रदायिक ताकतों के विरुद्ध मिलकर लड़ेंगे और जीतेंगे।”तेजस्वी ने गांधी की अहिंसा, भगत सिंह के जोश और सरदार पटेल के अडिग इरादों के साथ बिहार को उन्नति और भाईचारे के रास्ते पर ले जाने का वादा किया।

