भीषण गर्मी की आहट के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस सप्ताह एक के बाद एक (Back-to-back) दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) उत्तर भारत से टकराने वाले हैं। इसका असर दिल्ली-NCR समेत पूरे मैदानी और पहाड़ी इलाकों में दिखना शुरू हो गया है।
3 और 4 अप्रैल को ‘पीक’ पर रहेगी गतिविधि
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पहले पश्चिमी विक्षोभ का सबसे अधिक प्रभाव 3 और 4 अप्रैल को देखने को मिलेगा। इस दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश और बर्फबारी की संभावना है। विशेष रूप से कश्मीर घाटी में 3 और 4 अप्रैल को छिटपुट भारी वर्षा (Isolated Heavy Rainfall) का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी प्रबल आशंका है।
दिल्ली में झमाझम बारिश और धूल भरी आंधी
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (Noida, Gurugram) में शुक्रवार देर शाम से ही बादलों का डेरा है। दिल्ली में इस वक्त चल रही ठंडी हवाओं और छिटपुट बारिश ने तापमान में गिरावट ला दी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान दिल्ली-NCR में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी (Thundersquall) चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
दिल्ली का मौजूदा न्यूनतम तापमान 20°C से 22°C के बीच बना हुआ है, जिससे लोगों को पिछले कुछ दिनों की तपिश से बड़ी राहत मिली है।
7 अप्रैल को फिर आएगा दूसरा दौर
राहत का यह सिलसिला यहीं नहीं थमेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 4 अप्रैल के बाद मौसम थोड़ा शांत होगा, लेकिन 7 अप्रैल को दूसरा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में दस्तक देगा। इसके कारण एक बार फिर मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू होगा।
किसानों और पर्यटकों के लिए सलाह
- किसान: ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए खेतों में कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।
- पर्यटक: पहाड़ी राज्यों (HP, UK, J&K) की यात्रा कर रहे लोगों को भूस्खलन (Landslides) और अचानक आने वाली बाढ़ के प्रति सतर्क रहने को कहा गया है।

