दिल्ली एक्साइज नीति (Excise Policy) मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी किए जाने के बाद राजधानी की राजनीति में ‘घमासान’ छिड़ गया है। एक तरफ जहाँ आम आदमी पार्टी इसे सत्य की जीत बता रही है, वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल सरकार के पुराने रिकॉर्ड्स की याद दिलाई है। दूसरी ओर, CBI ने ट्रायल कोर्ट के इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दे दी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के 3 तीखे सवाल
कोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल पर बेईमानी के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
- सबूतों से छेड़छाड़: “हम सब जानते हैं कि जब यह मामला उठा था तो सबूतों से छेड़छाड़ की गई और 150 मोबाइल का डाटा उड़ा दिया गया।”
- नीति वापस क्यों ली?: “मैं पूछना चाहती हूं कि अगर वे सही थे तो उन्होंने जांच शुरू होते ही तुरंत शराब नीति को वापस क्यों लिया?”
- जनता के साथ बेईमानी: उन्होंने शीशमहल और स्कूल घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली की जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर कर पहले ही न्याय कर दिया है। रेखा गुप्ता ने विश्वास जताया कि हाई कोर्ट में अंततः न्याय होगा।
CBI ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले से असंतुष्ट केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने तुरंत दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की है। सीबीआई ने केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य को बरी करने के आदेश को चुनौती देते हुए तर्क दिया है कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं जिन्हें ट्रायल कोर्ट ने नजरअंदाज किया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई हाई कोर्ट के जस्टिस की बेंच करेगी।

