बिहार में होगा महाराष्ट्र वाला खेल? राज्यसभा चुनाव से पहले तेजस्वी का बड़ा दावा-बिहार में खत्म होगा नीतीश युग

पटना। न्यूजस्टिच

बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किए जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उन पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी ने इसे जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अंत की शुरुआत बताते हुए नीतीश कुमार के प्रति सहानुभूति प्रकट की है।

तेजस्वी का बड़ा दावा, महाराष्ट्र वाला खेल
तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के कदम की तुलना महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम से की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस बार बिहार में भी वही फॉर्मूला अपनाया है। बस उसका तरीका थोड़ा अलग है। तेजस्वी के अनुसार कि भाजपा ने नीतीश कुमार को कुछ समय के लिए मुख्यमंत्री पद पर रहने दिया और अब उन्हें केंद्र की राजनीति (राज्यसभा) में भेजकर बिहार की सत्ता पर पूरी तरह काबिज होने की तैयारी कर ली है। तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि जिस दिन नीतीश जी INDIA गठबंधन छोड़कर भाजपा के साथ गए थे, मैंने तभी कह दिया था कि JDU का अब कोई भविष्य नहीं बचा है। भाजपा का इतिहास रहा है कि वह जिस भी क्षेत्रीय दल के साथ रहती है उसे धीरे-धीरे खत्म कर देती है।

सियासी समीकरण: क्या बिहार में खत्म होगा ‘नीतीश युग’?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि तेजस्वी का यह बयान बेहद नपा-तुला है। नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना बिहार की सक्रिय राजनीति में एक बड़े वैक्यूम (शून्य) की ओर इशारा करता है। तेजस्वी इसे इस तरह पेश कर रहे हैं जैसे भाजपा का वर्चस्व। भाजपा अब बिहार में ‘बड़े भाई’ की भूमिका से आगे बढ़कर एकमात्र शक्ति बनना चाहती है। JDU का विलय या पतन? तेजस्वी यह संदेश दे रहे हैं कि नीतीश के बिना JDU का अस्तित्व खतरे में है, जिससे जेडीयू के वोट बैंक (खासकर लव-कुश समीकरण) में सेंध लगाई जा सके।

भाजपा की रणनीति और भविष्य की राह
तेजस्वी ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि भाजपा अपने सहयोगियों को बर्बाद करती है। उनका इशारा चिराग पासवान, उद्धव ठाकरे और हाल के अन्य उदाहरणों की ओर था। तेजस्वी का मानना है कि नीतीश कुमार को दिल्ली भेजकर भाजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपनी राह निष्कंटक कर ली है।

राजद बनाम बीजेपी के बीच लड़ाई बताने की कोशिश
तेजस्वी यादव का यह ‘सहानुभूति कार्ड’ दरअसल बिहार के मतदाताओं को यह बताने की कोशिश है कि अब लड़ाई सीधे तौर पर RJD बनाम BJP के बीच है। नीतीश कुमार को एक कमजोर पड़ चुके नेता के रूप में दिखाकर तेजस्वी खुद को बिहार के भविष्य के एकमात्र विकल्प के रूप में स्थापित करना चाहते हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *