पटना। न्यूजस्टिच
बिहार में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए नीतीश सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। राज्य की 1 करोड़ 60 लाख जीविका दीदियों को अब अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों और बिजनेस शुरू करने के लिए बैंक के चक्कर नहीं काटने होंगे। अब जीविका ऐप के माध्यम से मात्र एक सप्ताह के भीतर 2 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त किया जा सकेगा।
डिजिटल लोन: 48 घंटे में भी मिलेगी राशि
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत इसकी रफ्तार है। ऐप के माध्यम से ऋण प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है।
75 हजार तक का लोन: अगर किसी जीविका दीदी को 15 हजार से 75 हजार रुपये तक के ऋण की आवश्यकता है, तो वह महज 48 घंटों के भीतर उपलब्ध कराया जाएगा।
बड़ी राशि की सुविधा: 2 लाख रुपये तक का बड़ा लोन अधिकतम एक सप्ताह (7 दिन) में सीधे खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

अप्रैल से शुरू होगी सेवा
पोस्टर के अनुसार यह डिजिटल सुविधा अप्रैल 2026 से प्रभावी रूप से शुरू हो जाएगी। इसके लिए जीविका निधि नामक ऐप लॉन्च किया गया है, जो गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध होगा। यह ऐप न केवल लोन मैनेजमेंट सिस्टम के रूप में काम करेगा, बल्कि दीदियों को वित्तीय लेन-देन में भी सक्षम बनाएगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान
बिहार में जीविका दीदियां वर्तमान में डेयरी, मुर्गी पालन, हस्तशिल्प और छोटे उद्योगों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस डिजिटल पहल से बिचौलियों का अंत होगा। अब सीधे ऐप से आवेदन होने के कारण पारदर्शिता बढ़ेगी। मिलेगी तत्काल मदद। आकस्मिक जरूरतों या बिजनेस विस्तार के लिए समय पर पैसा मिल सकेगा। महिला उद्यमिता को बढ़ावा। 1.60 करोड़ महिलाओं का आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।

