खगड़िया। न्यूजस्टिच
बिहार में सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। खगड़िया के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता सरोज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई सांसद राजेश वर्मा की अध्यक्षता में हुई दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक में उजागर हुई अनियमितताओं के बाद की गई है।
सांसद के निर्देश पर हुई थी जांच
बीते दिनों हुई दिशा की बैठक में समिति के सदस्यों ने नल-जल योजना और जलापूर्ति योजनाओं में व्यापक धांधली की शिकायत की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सांसद राजेश वर्मा ने मौके पर ही जिलाधिकारी को जांच के आदेश दिए थे।

जांच में चौंकाने वाले खुलासे
जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच टीम ने खगड़िया, गोगरी, चौथम, बेलदौर, मानसी और परबत्ता प्रखंडों में 193 योजनाओं की पड़ताल की, जिसमें निम्नलिखित गड़बड़ियाँ पाई गईं। बंद योजनाएं जांच में 19 बड़ी जलापूर्ति योजनाएं पूरी तरह बंद मिलीं। करीब 1945 घरों में पाइपलाइन का संयोजन (कनेक्शन) ही नहीं किया गया था। 1164 घरों में नल होने के बावजूद पानी की आपूर्ति बाधित थी। मानक के अनुरूप नल-जल योजना का परिचालन नहीं किया जा रहा था।
पोर्टल पर फर्जीवाड़ा और खराब रैंकिंग
जांच में यह भी सामने आया कि कार्यपालक अभियंता ने CGRC पोर्टल पर शिकायतों के निष्पादन को लेकर गलत आंकड़े पेश किए थे। विभाग द्वारा सत्यापन करने पर 84 शिकायतों का फीडबैक असंतोषजनक पाया गया। इसी लापरवाही के कारण खगड़िया जिला पूरे बिहार के 49 प्रमंडलों में पिछड़कर 35वें स्थान पर पहुंच गया।
सांसद राजेश वर्मा का सख्त संदेश
निलंबन की कार्रवाई के बाद सांसद राजेश वर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में भ्रष्टाचार और जनता के हक में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो अधिकारी जनता को मिलने वाली सुविधाओं में रोड़ा बनेंगे, उन पर इसी तरह की ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

