पूर्णिया। न्यूजस्टिच
पूर्णिया जिले के धमदाहा प्रखंड में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़ी धांधली का पर्दाफाश हुआ है। तकनीक का सहारा लेकर सरकारी खजाने को चूना लगाने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 4 पंचायत रोजगार सेवकों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। जांच में पाया गया कि बिना काम पर आए ही मजदूरों की हाजिरी फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए फर्जी तरीके से दर्ज की जा रही थी।
ऐप से ऐसे चल रहा था फर्जीवाड़ा
प्रशासनिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मजदूरों की कार्यस्थल पर अनुपस्थिति के बावजूद मोबाइल रिकॉर्डिंग और NMMS (National Mobile Monitoring System) ऐप का गलत इस्तेमाल किया गया। नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन कर उपस्थिति दर्ज की गई, जो मनरेगा के पारदर्शी नियमों का सीधा उल्लंघन है।
इन 4 कर्मियों पर गिरी गाज
जिला प्रशासन ने ग्रामीण विकास विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत निम्नलिखित कर्मियों को दोषी पाते हुए दंडित किया है। कुकरौन पश्चिम पंचायत के मोहसिन रजा तीन वार्षिक मानदेय वृद्धियों पर संचयी प्रभाव के साथ रोक। मोगलिया पुरन्दाहा पूर्व के पंचायत ओजस मणि तीन वार्षिक मानदेय वृद्धियों पर संचयी प्रभाव के साथ रोक। विषनपुर-2 पंचायत के राजीव कुमार राय तीन वार्षिक मानदेय वृद्धियों पर संचयी प्रभाव के साथ रोक। ईटहरी पंचायत के श्रीकांत लाल का बिना संचयी प्रभाव के तीन वार्षिक मानदेय वृद्धियों पर रोक का दंड दिया गया है।
प्रशासन की कड़ी चेतावनी
इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि मनरेगा में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में भी NMMS ऐप या अन्य डिजिटल माध्यमों से छेड़छाड़ या फर्जी हाजिरी का मामला सामने आता है, तो संबंधित कर्मियों के विरुद्ध इससे भी कड़ी सेवा संबंधी कार्रवाई की जाएगी।

