सुशासन में अधिकारी बेलगाम हैं और खासकर भूमि सुधार और राजस्व विभाग की बात करें तो यहां कर्मी और अधिकारी को लूट की खुली छूट मिली हुई है। मामला सुपौल सदर अंचल से जुड़ा हुआ है ,जहां के अंचलाधिकारी ने जो कारनामा किया है वह पूरे सूबे में चर्चा का विषय बना हुआ है।सुपौल सदर के अंचलाधिकारी आनंद कुमार गुप्ता की हिमाकत देखिए, उन्होंने सरकारी अभिलेख में हेराफेरी कर सरकारी जमीन के खाता एवं रकवा में परिवर्तन करते हुए रैयती जमीन में तब्दील कर दिया। जिलाधिकारी सावन कुमार के आदेश पर कार्यपालक दंडाधिकारी नूतन कुमारी के आवेदन पर सीओ श्री गुप्ता और संबंधित राजस्व कर्मचारी के खिलाफ सदर थाना में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।गौरतलब है कि सुपौल सदर अंचल भ्रष्टाचार को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहा है और यहीं के तत्कालीन अंचलाधिकारी प्रिंस राज तो अंततः सरकारी सेवा से बर्खास्त हो गए।
लोक निर्माण विभाग की थी जमीन
हेराफेरी का यह मामला अंचल सुपौल के मौजा खरैल, थाना संख्या-152 अंतर्गत खाता संख्या-458, खेसरा-1206 से संबंधित है। उक्त भूमि हाल सर्वे खतियान में सरकार के लोक निर्माण विभाग के नाम दर्ज है। वहीं, मूल जमाबंदी संख्या-1187 में यह जमीन खाता-318, खेसरा-1206 के तहत रैयत शशि तिवारी के नाम दर्ज पाई गई है। आरोप है कि ऑनलाइन जमाबंदी पोर्टल पर 11 दिसंबर 2025 को राजस्व कर्मचारी विकास कुमार द्वारा सुधार किया गया और 7 जनवरी 2026 को अंचल अधिकारी आनंद कुमार मंडल के स्तर से खाता एवं रकवा में परिवर्तन करते हुए सरकारी भूमि को रैयती जमाबंदी में अद्यतन कर दिया गया। इसमें खाता-318, खेसरा-1206 को बदलकर खाता-458, खेसरा-1206 एवं रकवा 2.4 डिसमिल सहित अन्य विवरण दर्ज किए गए।
प्रारंभिक जांच में पाई गई गड़बड़ी
प्राथमिक जांच से यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा निजी स्वार्थ में सरकारी भूमि के अभिलेखों में हेरफेर किया गया, जो विभागीय नियमों के प्रतिकूल है।इस मामले में अपर समाहर्त्ता एवं अनुमंडल पदाधिकारी के पत्र के आलोक में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया गया था। इसी क्रम में सदर थाना में 23 मार्च को कांड संख्या 218/26, भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(5), 338/336(3), 340(2) एवं 3(5) के अंतर्गत दर्ज की गई है।थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।जाहिर है अंचलाधिकारी श्री गुप्ता पर गाज गिरनी तय है।

