झारखंड की राजधानी रांची में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। सीबीआई की टीम ने दक्षिण पूर्व रेलवे के चीफ कॉमर्शियल इंस्पेक्टर (CCI) को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बुधवार, 25 मार्च 2026 को दर्ज एक औपचारिक शिकायत के बाद की गई।
क्या है पूरा मामला?
सीबीआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी अधिकारी एक ठेकेदार के लंबित बिलों को क्लियर करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।
• बकाये की राशि: ठेकेदार का लगभग 8.70 लाख रुपये का बिल भुगतान के लिए लंबित था।
• कमीशन का खेल: आरोपी अधिकारी ने इस बिल को पास करने के लिए कुल राशि का 10% कमीशन बतौर रिश्वत मांगा था।
सीबीआई का जाल और गिरफ्तारी
ठेकेदार की शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की गोपनीय जांच की। आरोप सही पाए जाने पर सीबीआई ने एक सुनियोजित ‘ट्रैप’ (जाल) बिछाया। जैसे ही आरोपी अधिकारी ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये स्वीकार किए, पहले से तैनात सीबीआई की टीम ने उसे दबोच लिया।
आवासीय परिसरों में छापेमारी जारी
गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है।
• आरोपी अधिकारी के कार्यालय और उसके निजी आवास सहित विभिन्न ठिकानों पर सघन तलाशी (Search Operation) अभियान चलाया जा रहा है।
• तलाशी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, आय से अधिक संपत्ति के सबूत और अन्य संदिग्ध निवेशों की जांच की जा रही है।
भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस
सीबीआई ने संकेत दिया है कि इस मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और पूछताछ के दौरान इस भ्रष्टाचार सिंडिकेट में शामिल अन्य चेहरों के नाम भी सामने आ सकते हैं। रेलवे जैसे महत्वपूर्ण विभाग में इस तरह की गिरफ्तारी से अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप का माहौल है।

