खुशियों के त्यौहार ईद-उल-फितर के ठीक बाद बांग्लादेश से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। राजबाड़ी जिले में मुसाफिरों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर पद्मा नदी में जा गिरी। इस हृदयविदारक हादसे में अब तक 16 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हैं। लापता यात्रियों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
स्थानीय प्रशासन और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब बस को नदी पार कराने के लिए दौलतदिया फेरी टर्मिनल पर एक फेरी (नौका) पर चढ़ाया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि फेरी पर चढ़ते समय चालक ने अचानक बस पर से नियंत्रण खो दिया। बस की रफ्तार और ढलान के कारण वाहन सीधे उफनती पद्मा नदी की लहरों में समा गया। देखते ही देखते बस पानी के भीतर ओझल हो गई और वहां मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई।
ईद की खुशियां मातम में बदलीं
हादसे का सबसे दुखद पहलू यह है कि बस में सवार लगभग 40 यात्री अपने गांव में ईद की खुशियां मनाकर वापस काम पर लौट रहे थे। अपनों के साथ बिताए खुशनुमा पलों की यादें लेकर लौट रहे इन परिवारों के लिए यह सफर आखिरी साबित हुआ। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। नदी के किनारे अब सिर्फ परिजनों का विलाप सुनाई दे रहा है, जो अपने करीबियों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
बचाव कार्य और प्रशासन की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और कोस्ट गार्ड की टीमें मौके पर पहुँच गईं। भारी क्रेन की मदद से बस को नदी से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। राजबाड़ी के जिला अधिकारी ने बताया कि गोताखोर लगातार पानी के भीतर सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। यह घटना एक बार फिर फेरी टर्मिनल्स पर सुरक्षा मानकों और ओवरलोडिंग जैसे गंभीर सवालों को खड़ा करती है। फिलहाल, पूरा देश इस त्रासदी से शोक में डूबा हुआ है।

