जहानाबाद। न्यूजस्टिच
बिहार की शादियां अक्सर अपने ठाठ-बाट के लिए जानी जाती हैं। लेकिन जहानाबाद के देवरा-मठ गांव में जो हुआ उसने हंसी-मजाक और हंगामा के बीच की लकीर ही मिटा दी। यहां एक दूल्हा राजा अपनी बारात लेकर तो शान से आए थे। लेकिन विदाई के वक्त दुल्हन की डोली के बजाय खुद बंधक बन गए। वजह? एक गिलास ठंडई और एक सुलगती सिगरेट। जहानाबाद का ये मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जानिए पूरी कहानी।
एंट्री रॉकस्टार वाली, हालत पॉपस्टार जैसी
कहानी शुरू होती है गाजे-बाजे के साथ। दूल्हा सज-धज कर देवरा-मठ गांव पहुंचा। जैसे ही गाड़ी द्वारपूजा के लिए रुकी, दूल्हे मियां ने टशन दिखाने के चक्कर में हाथ में सिगरेट सुलगाई और स्टाइल से गाड़ी से उतरे। लेकिन हाय रे किस्मत! कदम जमीं पर पड़ते ही दूल्हा राजा डांस स्टेप की तरह लड़खड़ा गए। गांव वालों को लगा कि दूल्हा पवित्र जल (शराब) के नशे में टल्ली है। बस फिर क्या था? बिहार में शराबबंदी के बीच दूल्हे का ये लड़खड़ाता टशन लड़की वालों को नागवार गुजरा।
नशा शराब में होता तो नाचती बोतल, लेकिन यहां तो दूल्हा नाच गया!
जब विवाद बढ़ा और दूल्हे को बंधक बना लिया गया। इसके बाद दुल्हा ने अपनी सफाई में जो तर्क दिया। उसने सबको सिर खुजलाने पर मजबूर कर दिया। दूल्हे का कहना था कि हुजूर, मैंने शराब नहीं पी थी। मैं तो पटना के डाकबंगला चौराहे पर ठंडई पीकर आया था। उसी ठंडई ने पेट में जाकर ऐसा चक्कर घुमाया कि पैर कंट्रोल से बाहर हो गए। दूल्हे का दावा है कि उस खतरनाक ठंडई ने उसे ऐसा झटका दिया कि उसे होश ही नहीं रहा कि कब बारात आई और कब उसके सगे-संबंधी उसे बीच मझधार में छोड़कर नौ-दो-ग्यारह हो गए।
बाराती फरार, दूल्हा लाचार
दूल्हे ने जब सुबह आंखें मलीं और आसपास देखा तो न वहां बैंड बाजा था। न जयमाला की स्टेज और न ही उसके जिगरी दोस्त। बारात तो दूर की बात है, उसके घर वाले भी उसे बंधक छोड़कर वापस निकल चुके थे।
घटनाक्रम की कुछ खास बातें
लोकेशन: देवरा-मठ गांव, जहानाबाद।
आरोप: द्वारपूजा के दौरान नशे में धुत होना और अभद्र व्यवहार।
दूल्हे का पक्ष: “मैं तो ठंडई का शिकार हूं, शराब का नहीं।”
नतीजा: शादी रुकी, दूल्हा बंधक बना और बारात ‘गायब’ हो गई।
ठंडई थी या भांग का तड़का?
अब पूरे जहानाबाद में चर्चा इस बात की है कि आखिर पटना के डाकबंगला की उस ठंडई में ऐसा क्या था, जिसने दूल्हे का ‘बैलेंस’ बिगाड़ दिया? गांव वाले इसे नशेबाजी मान रहे हैं, तो दूल्हा इसे फूड पॉइजनिंग जैसा कुछ बताने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल दूल्हा राजा पुलिस और समाज के बीच अपनी बेगुनाही और ठंडई प्रेम की दुहाई दे रहे हैं। पर सच जो भी हो, इस बारात ने यह तो साबित कर दिया कि सिगरेट का धुंआ और ठंडई का सुरूर, कभी-कभी सेहरा सजाने के बजाय बंधक बना सकता है।

