खगड़िया। न्यूजस्टिच
समाज में बेटियों की स्थिति को सशक्त बनाने और उन्हें सुरक्षा व अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिले के गोगरी प्रखंड में एक प्रेरणादायक पहल की गई। महिला एवं बाल विकास निगम, खगड़िया के तत्वावधान में ‘जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन’ (DHEW) द्वारा कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन ने न केवल बेटियों को शिक्षित किया, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के नए ट्रैक सूट पहनाकर भविष्य की दौड़ के लिए तैयार भी किया।
जागरूकता से सशक्तिकरण की ओर
‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत आयोजित इस ‘सखी वार्ता’ का मुख्य स्वर बाल विवाह, दहेज प्रथा और लैंगिक हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ था। कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने किशोरियों को बताया कि जागरूकता ही वह सबसे बड़ा हथियार है जिससे वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती हैं।
जिला परियोजना प्रबंधक विजय कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि एक गंभीर कानूनन अपराध है। उन्होंने विस्तार से समझाया कि कैसे कम उम्र में शादी बेटियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को तबाह कर देती है और उनके शिक्षा के अधिकार को छीन लेती है। किशोरियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और विवाह की वैधानिक आयु के बारे में तकनीकी जानकारी भी दी गई।
संकट में सहारा: हेल्पलाइन और सुरक्षा तंत्र
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सुरक्षा सेवाओं की जानकारी रहा। किशोरियों को बताया गया कि खगड़िया जिले के ‘महिला सशक्तिकरण भवन’ में वन स्टॉप सेंटर का संचालन किया जा रहा है। यहाँ एक ही छत के नीचे कानूनी सहायता, चिकित्सा मदद, परामर्श और अस्थायी आश्रय जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति के लिए निम्नलिखित नंबरों के उपयोग की ट्रेनिंग दी गई।
महिला हेल्पलाइन: 181
चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
साथ ही, आधुनिक समय की चुनौतियों को देखते हुए साइबर सुरक्षा और पोषण जैसे विषयों पर भी गंभीर चर्चा की गई।
सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
लैंगिक विशेषज्ञों ने उपस्थित किशोरियों और अभिभावकों को सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं से रूबरू कराया। इनमें मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना और परवरिश योजना शामिल थीं, ताकि आर्थिक तंगी किसी भी बेटी की पढ़ाई या विकास में बाधा न बने।
आत्मविश्वास का उपहार: ट्रैक सूट वितरण
कार्यक्रम के अंत में उत्साह का माहौल तब और बढ़ गया जब निगम की ओर से विद्यालय की 108 बच्चियों को ट्रैक सूट प्रदान किए गए। यह केवल एक पोशाक नहीं, बल्कि उनकी सक्रियता और खेलों के प्रति उनके बढ़ते कदम का प्रतीक है। इस गरिमामयी अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक विजय कुमार, लैंगिक विशेषज्ञ आशुतोष कुमार और प्रीति कुमारी, शिक्षक राजू कुमार और विद्यालय की वार्डन सहित 105 से अधिक किशोरियां उपस्थित रहीं। ‘सखी वार्ता’ ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब बेटियां जागरूक होंगी, तभी समाज सुरक्षित और समृद्ध होगा।

