नई दिल्ली: ईरान और इजराइल के बीच छिड़े भीषण मिसाइल युद्ध की तपिश अब भारतीय हवाई क्षेत्र और यात्रियों तक पहुँच गई है। मिडिल ईस्ट में बिगड़ते सुरक्षा हालातों को देखते हुए भारत की प्रमुख विमानन कंपनी एयर इंडिया (Air India) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए मध्य पूर्व के सभी गंतव्यों के लिए अपनी उड़ानों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।
सुरक्षा सर्वोपरि: एयर इंडिया की बड़ी एडवाइजरी
शनिवार शाम एयर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक आधिकारिक #TravelAdvisory जारी की। कंपनी ने कहा:
“मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में पैदा हुई ताजा स्थिति को देखते हुए, खाड़ी के सभी गंतव्यों के लिए एयर इंडिया की उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। हम अपने यात्रियों और चालक दल (Crew) की सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि वे लगातार सुरक्षा वातावरण का आकलन कर रहे हैं और स्थिति सुधरने पर ही परिचालन फिर से शुरू करने पर विचार किया जाएगा।
यात्रियों के लिए सहायता और रिफंड
उड़ानों के अचानक रद्द होने से दिल्ली, मुंबई और कोच्चि जैसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर हजारों यात्री फंस गए हैं। एयर इंडिया की टीमें प्रभावित यात्रियों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही हैं। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि यात्रियों को टिकट रिफंड या रिशेड्यूलिंग (Rescheduling) में प्राथमिकता दी जाएगी।
युद्ध का विमानन क्षेत्र पर असर
ईरान द्वारा इजराइल, कतर, बहरीन और यूएई पर किए गए मिसाइल हमलों के बाद पूरे मिडिल ईस्ट का एयरस्पेस एक ‘नो-फ्लाई जोन’ में तब्दील हो गया है। न केवल एयर इंडिया, बल्कि इंडिगो और विस्तारा जैसी अन्य भारतीय एयरलाइंस भी अपने रूट डायवर्ट कर रही हैं। यूरोप जाने वाली उड़ानों को अब लंबे रास्तों से होकर जाना पड़ रहा है, जिससे हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी की संभावना है।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब खाड़ी देशों में लाखों भारतीय प्रवासी रहते हैं। उड़ानों के निलंबन से आपातकालीन स्थिति में घर लौटने वाले भारतीयों के लिए बड़ी चुनौती पैदा हो गई है।

