ai द्वारा बनाई गई इरान के हमले की तस्वीर।

महायुद्ध का शंखनाद: ईरान का इजराइल और खाड़ी देशों पर भीषण मिसाइल हमला, अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

मध्य पूर्व (Middle East) इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है। शनिवार की सुबह इस पूरे क्षेत्र के लिए किसी भयावह सपने जैसी रही, जब ईरान ने एक साथ इजराइल समेत सात देशों पर सैकड़ों मिसाइलें दागकर युद्ध का बिगुल फूंक दिया। ईरान के इस औचक हमले ने न केवल खाड़ी देशों में दहशत फैला दी है, बल्कि पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है।

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले की पुष्टि की है। ईरान का मुख्य निशाना वे देश रहे, जहाँ अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं:
• बहरीन: मनामा स्थित अमेरिकी नौसेना के 5th Fleet Headquarters पर सीधा प्रहार किया गया।
• कतर: मिडिल ईस्ट के सबसे बड़े अमेरिकी एयरबेस, अल उदेद (Al Udeid Base) पर कई मिसाइलें गिरीं।
• यूएई: दुबई और अबू धाबी के आसमान में कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया, हालांकि मलबे की चपेट में आने से एक नागरिक की मौत की खबर है।
• इजराइल: तेल अवीव और यरूशलेम जैसे प्रमुख शहरों पर मिसाइलों की बौछार हुई, जिसके बाद पूरे देश में ‘नेशनल इमरजेंसी’ घोषित कर दी गई है।
• सऊदी, कुवैत और जॉर्डन: इन देशों के सैन्य ठिकानों और राजधानी क्षेत्रों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं।

क्यों भड़की प्रतिशोध की आग?

इस भीषण तनाव की जड़ आज सुबह की वह कार्रवाई है, जिसे अमेरिका और इजराइल ने अंजाम दिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत ईरान के परमाणु केंद्रों पर प्री-एम्पटिव स्ट्राइक (निवारक हमला) की गई थी। ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताते हुए ‘क्रशिंग रिस्पांस’ के तहत उन सभी देशों को निशाना बनाया, जो अमेरिकी सेना को लॉजिस्टिक सपोर्ट या जमीन मुहैया कराते हैं।
दुनिया भर में हड़कंप: तेल की कीमतों और उड़ानों पर असर
हमले के तुरंत बाद सुरक्षा कारणों से जॉर्डन, यूएई, कतर और कुवैत ने अपना एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) पूरी तरह बंद कर दिया है। भारत समेत दुनिया भर की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अधर में लटकी हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $150 प्रति बैरल के पार जा सकती हैं।

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