अररिया। न्यूजस्टिच
कहते हैं कि सफलता की सबसे खूबसूरत इमारत अक्सर असफलताओं की मजबूत नींव पर ही खड़ी होती है। शनिवार को बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित किए गए 70वीं बीपीएससी (BPSC) के परिणाम ने इस बात को एक बार फिर साबित कर दिया है। इस परीक्षा में अररिया जिला के जोगबनी की रहने वाली कोमल साह ने राजस्व अधिकारी (RO) के पद पर चयनित होकर जिले का मान बढ़ाया है। कोमल ने ओवरऑल 1720वीं और आरओ कैटेगरी में 217वीं रैंक हासिल की है। कोमल की यह कामयाबी उन युवाओं के लिए एक नई उम्मीद है, जो बार-बार असफल होकर टूटने लगते हैं।
पांच बार की नाकामी भी नहीं डिगा सकी हौसला
प्रतियोगी परीक्षाओं का यह सफर कोमल के लिए किसी कठिन तपस्या से कम नहीं था। उन्होंने वर्ष 2019 में बीपीएससी की तैयारी शुरू की थी और पूरे 7 साल के कड़े संघर्ष के बाद साल 2026 में उन्हें यह सफलता हाथ लगी है। उनका यह सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा।
65वीं और 66वीं BPSC: प्रारंभिक परीक्षा (Pre) में ही असफलता हाथ लगी।
67वीं BPSC: प्रारंभिक परीक्षा तो पास की, लेकिन मुख्य परीक्षा (Mains) में सफलता नहीं मिली।
68वीं BPSC: एक बार फिर प्रारंभिक परीक्षा की बाधा पार नहीं हो सकी।
69वीं BPSC: प्री क्लियर हुआ, लेकिन मेंस में बाहर होना पड़ा।
70वीं BPSC: छठे प्रयास में पहली बार मेंस और इंटरव्यू दोनों क्लियर कर सफलता का परचम लहराया।

विवाह के बाद भी जारी रही पढ़ाई, पति बने ढाल
कोमल साह की शादी इसी साल फारबिसगंज के अम्हारा गांव में हुई। अमूमन शादी के बाद छात्राओं के लिए पढ़ाई जारी रखना एक बड़ी चुनौती होती है, लेकिन कोमल के मामले में उनका ससुराल उनके लिए सबसे बड़ा संबल बना। कोमल ने बताया कि इस लंबी यात्रा में उनके पति विकास कुमार का सबसे बड़ा सहयोग रहा। पति के योगदान को याद करते हुए कोमल भावुक होकर कहती हैं कि मेरे लिए इंग्लिश से हिंदी या हिंदी से इंग्लिश में नोट्स का अनुवाद करना हो, या परीक्षा के सारे फॉर्म्स भरना हो, विकास ने यह सारी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली थी। उनकी वजह से मुझे सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना था, बाकी किसी बात की चिंता नहीं करनी पड़ी। इसके साथ ही उन्हें अपने ससुर दिलीप कुमार साह और सास दौलती देवी का भी पूरा आशीर्वाद और समर्थन मिला।
जोगबनी से अम्हारा गांव तक जश्न का माहौल
कोमल जोगबनी नगर परिषद की निवासी हैं। उनके पिता मिथिलेश साह और माता कृष्णा देवी ने उन्हें हमेशा जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कोमल की प्रारंभिक शिक्षा सैन फ्रांसिस्को इंग्लिश स्कूल जोगबनी से हुई, जिसके बाद उन्होंने 10वीं की पढ़ाई सरस्वती विद्या मंदिर जोगबनी से पूरी की। उन्होंने फारबिसगंज कॉलेज से ग्रेजुएशन और पूर्णिया यूनिवर्सिटी से पोस्ट-ग्रेजुएशन (PG) की डिग्री हासिल की है। कोमल ने अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता, सास-ससुर, पूरे परिवार, जोगबनी व फारबिसगंज वासियों और विशेष रूप से अपने पति को दिया है। उन्होंने कहा कि अपनों के इस अटूट विश्वास और सहयोग के बिना इस मुकाम तक पहुंचना बिल्कुल संभव नहीं था।
युवाओं के लिए कोमल का संदेश
असफलता केवल यह बताती है कि सफलता का प्रयास पूरे मन से नहीं हुआ था। अगर आपमें धैर्य है और आपके पास अपनों का अटूट विश्वास है, तो देर से ही सही, लेकिन सफलता का परचम जरूर लहराएगा।

