बिहार के बेगूसराय में दरभंगा सोना लूटकांड की जांच करने पहुंची पुलिस टीम के साथ शनिवार को एक बड़ा और खौफनाक हादसा हो गया। नावकोठी थाना क्षेत्र के वृंदावन गांव में जब पुलिस की संयुक्त टीम जमीन के अंदर छिपे खजाने (लूटे गए सोने) की तलाश में खुदाई कर रही थी, तभी एक शक्तिशाली बम ब्लास्ट हो गया। इस धमाके में एसटीएफ (STF) के एक जवान समेत 5 पुलिसकर्मी बुरी तरह घायल हो गए हैं।
सोने की तलाश में मिला ‘मौत का बारूद’
पुलिस को पुख्ता इनपुट मिला था कि दरभंगा सोना लूटकांड से जुड़े अपराधी संदीप कुमार ने लूटा हुआ सोना वृंदावन गांव में जमीन के नीचे दबाकर रखा है। इसी सूचना पर एसटीएफ और जिला पुलिस की टीम ने संदिग्ध स्थान पर घेराबंदी की। जैसे ही पुलिसकर्मियों ने जमीन की खुदाई शुरू की, वहां अपराधियों द्वारा पहले से प्लांट किया गया प्रेशर बम या आईईडी (IED) जैसा शक्तिशाली विस्फोटक फट गया।
धमाके से दहला वृंदावन, दो जवानों की हालत नाजुक
विस्फोट इतना जोरदार था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में कुल पांच पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं। गंभीर रूप से घायल दो जवानों को तत्काल बेगूसराय सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य तीन का इलाज स्थानीय पीएचसी में चल रहा है।
क्या पुलिस को निशाना बनाने की थी सोची-समझी साजिश?
इस घटना ने जांच एजेंसियों के सामने दो बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
- क्या अपराधियों ने लूट का माल बचाने के लिए वहां बम प्लांट किया था?
- या फिर पुलिस की छापेमारी की भनक पाकर उन्हें जान से मारने के लिए यह ‘ट्रैप’ (जाल) बिछाया गया था?
जमीन के नीचे बम का मिलना किसी गहरी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। घटना के बाद पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। फॉरेंसिक (FSL) और डॉग स्क्वायड की टीम को मौके पर बुलाया गया है ताकि यह पता चल सके कि वहां और भी विस्फोटक दबे हैं या नहीं।

