बिहार सरकार ने राज्य की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूती देने के लिए निवेश का पिटारा खोल दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दो बड़े ऐतिहासिक फैसलों—‘पीएम ई-बस सेवा योजना’ का विस्तार और ‘राज्यव्यापी सड़क संधारण परियोजना’—को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
प्रदूषण मुक्त सफर: 6 शहरों में दौड़ेंगी 400 इलेक्ट्रिक बसें
राज्य के शहरी परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सरकार ने 400 नई इलेक्ट्रिक एसी बसों के परिचालन का निर्णय लिया है। इन बसों के आने से न केवल आम जनता का सफर सुगम होगा, बल्कि शहरों में बढ़ते प्रदूषण पर भी लगाम लगेगी।
शहरवार बसों का आवंटन इस प्रकार है:
- पटना: 150 बसें (सर्वाधिक)
- मुजफ्फरपुर: 50 बसें
- भागलपुर: 50 बसें
- गया: 50 बसें
- दरभंगा: 50 बसें
- पूर्णियाँ: 50 बसें
सड़क संधारण के लिए ₹15,967 करोड़ की ऐतिहासिक मंजूरी
बिहार की सड़कों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए सरकार ने ₹15,967.03 करोड़ की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है। इस फंड का इस्तेमाल राज्य के 19,305.58 किलोमीटर लंबे पथों के रखरखाव (Maintenance) के लिए किया जाएगा। यह कार्य ‘दीर्घकालीन निष्पादन आधारित पथ आस्तियाँ अनुरक्षण संविदा’ (OPRMC) के तहत अगले सात वर्षों तक चलेगा। इसके लिए पूरे राज्य को 100 अलग-अलग पैकेजों में बांटा गया है।
AI और मशीन लर्निंग से होगी सड़कों की निगरानी
सड़कों के रखरखाव में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है।
- स्मार्ट मॉनिटरिंग: सड़कों के निरीक्षण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) तकनीक का उपयोग होगा।
- कंट्रोल सेंटर: इसके लिए एक केन्द्रीकृत ‘कंट्रोल एवं कमांड सेंटर’ बनाया जाएगा, जो सड़कों की स्थिति पर सीधी नजर रखेगा।
‘बिहार रोड यूजर फीस रूल्स 2026’ को हरी झंडी
राजस्व संग्रहण को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सरकार जल्द ही ‘बिहार रोड यूजर फीस रूल्स 2026’ अधिसूचित करेगी। इसके तहत राज्य के महत्वपूर्ण पुलों और उच्च पथों पर यूजर फीस (Toll) वसूली जाएगी, जिससे भविष्य में सड़कों के रख-रखाव के लिए स्थायी आर्थिक तंत्र विकसित हो सके। सरकार के इस कदम से बिहार में निवेश के साथ-साथ रोजगार और बेहतर कनेक्टिविटी के नए द्वार खुलने की उम्मीद है।

