पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में जारी तनावपूर्ण परिस्थितियों और असुरक्षा के माहौल ने वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों, विशेषकर बिहार के नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार ने प्रो-एक्टिव कदम उठाते हुए प्रवासी बिहारियों की सुरक्षा और सहायता के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया है कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और पल-पल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
सरकार की 24×7 निगरानी और त्वरित एक्शन प्लान
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने अपने बयान में बताया कि बिहार सरकार का संबंधित विभाग पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों की निरंतर निगरानी कर रहा है। इसके लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है जो 24×7 (दिन-रात) ड्यूटी पर तैनात रहेगी। यह टीम न केवल वहां रह रहे लोगों के संपर्क में रहने का प्रयास करेगी, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए केंद्र सरकार और संबंधित अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ तत्काल समन्वय (Coordination) स्थापित करेगी। सरकार का लक्ष्य किसी भी आपात स्थिति में बिहार के नागरिकों को सुरक्षित निकालना और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करना है।

आपातकालीन सहायता हेतु हेल्पलाइन नंबर जारी
प्रवासी बिहारियों या बिहार में रह रहे उनके परिजनों की सुविधा और समस्या के समाधान के लिए सरकार ने एक विशेष आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर +917217788114 सार्वजनिक किया है। किसी भी प्रकार की सहायता, जानकारी साझा करने या अपनी समस्या बताने के लिए इस नंबर का उपयोग किया जा सकता है। यह नंबर सीधे कंट्रोल रूम से जुड़ा है, जहाँ से सूचनाओं को संबंधित विभागों तक तुरंत पहुँचाया जाएगा।
आप सुरक्षित रहें, सरकार आपके साथ है
सम्राट चौधरी ने प्रवासियों और उनके परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा, “आप सुरक्षित रहें, सरकार आपके साथ है।” उन्होंने अपील की है कि लोग घबराएं नहीं और किसी भी संदिग्ध परिस्थिति या मदद की जरूरत होने पर तुरंत जारी किए गए नंबर पर संपर्क करें। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सात समंदर पार बैठा बिहार का हर नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करे। बिहार सरकार का यह कदम उन हजारों परिवारों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आया है, जिनके सदस्य रोजगार या शिक्षा के लिए पश्चिम एशिया के देशों में रह रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रवासियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

