भुवनेश्वर/पूर्णिया । न्यूजस्टिच
ओडिशा के प्रतिष्ठित कलिंगा स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय स्कूल रग्बी अंडर-17 (बालक एवं बालिका) प्रतियोगिता 2025-26 में बिहार के खिलाड़ियों ने अपने शौर्य और कौशल का लोहा मनवाते हुए इतिहास रच दिया है। बिहार की बालक टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया और राष्ट्रीय चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
मैदान पर बिहार का दबदबा
प्रतियोगिता के दौरान बिहार की बालक टीम एक अभेद्य दीवार की तरह नजर आई। टीम के खिलाड़ियों ने न केवल आक्रमण में बल्कि रक्षात्मक खेल में भी विपक्षी टीमों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। बिहार के सफर की चमक इन आंकड़ों से समझी जा सकती है:
- क्वार्टर फाइनल: बिहार ने पंजाब को 37-0 के भारी अंतर से रौंदते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
- सेमीफाइनल: राजस्थान के खिलाफ भी यही सिलसिला जारी रहा, जहाँ बिहार ने 38-0 से एकतरफा जीत दर्ज की।
- फाइनल मुकाबला: खिताबी भिड़ंत में बिहार का सामना मेजबान ओडिशा से था। घरेलू मैदान और दर्शकों के समर्थन के बावजूद ओडिशा की टीम बिहार की रणनीति के आगे बेबस दिखी। बिहार ने यह मुकाबला 21-5 से जीतकर ट्राफी अपने नाम की।
पूर्णिया के सुमित बेसरा ने बढ़ाया मान
इस जीत में पूर्णिया जिले के होनहार खिलाड़ी सुमित बेसरा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। सुमित के शानदार तालमेल और फुर्तीले प्रदर्शन ने टीम की जीत में अहम योगदान दिया। उनकी इस उपलब्धि से न केवल खेल गलियारों में खुशी की लहर है, बल्कि उन्होंने पूर्णिया का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।

बालिका वर्ग में मिला रजत पदक
दूसरी ओर, बिहार की बालिका टीम ने भी असाधारण खेल का प्रदर्शन किया। कड़ी मेहनत और जज्बे के साथ टीम फाइनल तक पहुँची। हालांकि, फाइनल के बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर वाले मुकाबले में बिहार को मेजबान ओडिशा से 7-5 के मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बावजूद टीम ने रजत पदक (सिल्वर मेडल) जीतकर राज्य को गौरवान्वित किया।
बधाइयों का तांता
बिहार रग्बी की इस ऐतिहासिक सफलता पर पूर्णिया के रग्बी सचिव शुभम आनंद सहित जिले के तमाम खेल प्रेमियों और प्रशिक्षकों ने खुशी जाहिर की है। शुभम आनंद ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत बिहार में रग्बी के बढ़ते प्रभाव और खिलाड़ियों के कड़े अभ्यास का परिणाम है। उन्होंने सुमित बेसरा सहित सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

