Death in custody or murder? When a young man died in Katihar, an enraged mob chased and beat the police, snatching their rifles.

हाजत में मौत या हत्या? कटिहार में युवक की जान गई तो भड़की भीड़ ने पुलिस को दौड़ाकर पीटा, छीन ली रायफल

बिहार के कटिहार जिला के फलका थाना क्षेत्र में पुलिसिया बर्बरता और भ्रष्टाचार का एक खौफनाक मामला सामने आया है। फलका थाना की हाजत में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पूरे इलाके में जंगल की आग की तरह आक्रोश फैल गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने न केवल फलका बाजार की मुख्य सड़क को जाम किया बल्कि जाम हटाने और उग्र हुए लोगों को समझाने पहुंचे पुलिस कर्मियों पर जानलेवा हमला बोलकर उनकी रायफल भी छीन ली।

घटना की शुरुआत दो दिन पहले हुई जब फलका थाना पुलिस ने गोपालपट्टी से राकेश कुमार यादव नामक युवक को फलका थाना के कुंदन पटेल नामक अधिकारी ने उठाया। मृतक राकेश कुमार यादव के परिजनों का आरोप है कि कुंदन पटेल की अगुवाई में पुलिस बुधवार की रात 2 बजे उनके घर पहुंची और राकेश को हिरासत में लिया। परिजनों के अनुसार, पुलिस ने उसे महज संदेह के आधार पर बाइक चोरी के मामले में उठाया था। मृतक के बड़े भाई परितोष कुमार यादव का आरोप है कि पुलिस ने राकेश को छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की था। साथ ही उसकी ग्लेमर बाइक थाना पहुंचाने को कहा।

हैरानी की बात यह है कि जिस बाइक चोरी के मामले में कुंदन को पकड़ा गया, उस बाइक की चोरी की शिकायत करने वाले ने न तो बाइक की पहचान की थी और न ही राकेश की। इसके बावजूद, परिजनों को आरोप है कि पुलिस ने उसे टॉर्चर किया, जिससे उसकी हाजत में ही मौत हो गई।

युवक की मौत की खबर फैलते ही हजारों की संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए। उग्र भीड़ ने फलका बाजार सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जब पुलिस बल स्थिति को नियंत्रित करने पहुँचा, तो भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र भीड़ में शामिल युवाओं ने पुलिस कर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इस हिंसक झड़प का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग पुलिस पर हमला करते और उनकी सरकारी रायफल छीनकर भागते नजर आ रहे हैं।

इस घटना ने जिले में पुलिस के गिरते इकबाल और भ्रष्टाचार को फिर से चर्चा में ला दिया है। स्थानीय लोग इस घटना को पुलिस की उगाही संस्कृति का नतीजा मान रहे हैं। गौरतलब है कि हाल ही में इलाके के किशनगंज के SDPO गौतम कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले भी सुर्खियां बटोर चुके हैं। चर्चा है कि जब शीर्ष अधिकारियों पर ही भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हों, तो निचले स्तर के पुलिसकर्मी बेखौफ होकर आम जनता से अवैध वसूली और प्रताड़ना का खेल खेलते हैं। राकेश कुमार यादव की मौत इसी व्यवस्थागत भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई।

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