गयाजी। न्यूजस्टिच
मोक्षदायिनी फल्गु नदी शनिवार सुबह एक अलग ही नजारे की गवाह बनी। विष्णुपद मंदिर स्थित देश के सबसे बड़े रबर डैम की सफाई के लिए जैसे ही प्रशासन ने पानी छोड़ा, सूखी नदी की धारा में मछलियों का सैलाब उमड़ पड़ा। इस खबर के फैलते ही स्थानीय लोगों और बच्चों की भारी भीड़ नदी में उतर गई और पूरे इलाके में मछली पकड़ने की होड़ सी मच गई।
सफाई के लिए लिया गया बड़ा फैसला
दरअसल, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने रबर डैम और आसपास के घाटों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए 3 अप्रैल की रात पानी को डाउनस्ट्रीम (निचली धारा) में छोड़ने का निर्णय लिया था। मानसून 2026 के आगमन से पहले डैम के तल में जमा गंदगी और गाद को साफ करना अनिवार्य हो गया था। लाखों श्रद्धालुओं द्वारा किए गए पिंडदान और पूजा सामग्री के कारण पानी दूषित हो गया था, जिससे देवघाट और आसपास के क्षेत्रों में दुर्गंध की समस्या बढ़ रही थी।
नदी में दिखा मेले जैसा नजारा
शनिवार सुबह जैसे ही पानी के साथ बड़ी संख्या में मछलियां बहकर नीचे आईं, बच्चों से लेकर बड़े तक जाल, टोकरी और खाली हाथों के साथ नदी में कूद पड़े। कोई झोले में मछलियां भर रहा था तो कोई बाल्टी लेकर पानी के बीच दौड़ता नजर आया। देखते ही देखते फल्गु नदी का तट एक उत्सव के मैदान में तब्दील हो गया। बच्चों के शोर और मछलियों को पकड़ने की इस आपाधापी ने पूरे गयाजी में चर्चा छेड़ दी है।
प्रशासन ने जारी किया रेड अलर्ट
मछली पकड़ने के उत्साह के बीच जिला प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि संगत घाट, ब्राह्मणी घाट और अन्य निचले इलाकों में पानी का बहाव तेज हो सकता है, इसलिए कोई भी व्यक्ति नदी के बीच न जाए। जनहानि की आशंका को देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि वे मछली पकड़ने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें। आगामी मानसून से पहले डैम की पूरी तरह सफाई की जाएगी ताकि आने वाले समय में पितृपक्ष और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए श्रद्धालुओं को स्वच्छ जल उपलब्ध हो सके।

