केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत सेवा पूरी करने वाले युवाओं को भविष्य की सुरक्षा और करियर का सुनहरा अवसर देने की दिशा में एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। गृह मंत्रालय (MHA) के ताजा निर्देशों के अनुसार, अब दिल्ली पुलिस की भर्तियों में पूर्व-अग्निवीरों (Ex-Agniveers) के लिए विशेष प्रावधान लागू किए गए हैं। इस नए आदेश के तहत दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल (कार्यकारी) के पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत रिक्तियां पूर्व-अग्निवीरों के लिए आरक्षित की गई हैं।
भर्ती नियमों में ऐतिहासिक ढील
अग्निवीरों को नागरिक सुरक्षा बलों में शामिल करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए दिल्ली पुलिस के भर्ती नियमों (Delhi Police Recruitment Rules) में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test – PET) से मिलने वाली छूट है। चूंकि अग्निवीर पहले ही भारतीय सेना की कठोर ट्रेनिंग और कड़े शारीरिक मापदंडों को पार कर चुके होते हैं, इसलिए उन्हें दिल्ली पुलिस में भर्ती के समय दोबारा फिजिकल टेस्ट देने की आवश्यकता नहीं होगी।
आयु सीमा में रियायत का गणित
सरकार ने अग्निवीरों के विभिन्न बैचों के लिए आयु सीमा में भी महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है:
- प्रथम बैच के लिए: अग्निवीरों के पहले बैच के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की विशेष छूट दी जाएगी।
- आगामी बैचों के लिए: पहले बैच के बाद आने वाले सभी अग्निवीर उम्मीदवारों को आयु सीमा में 3 वर्ष की रियायत मिलेगी।
यह निर्णय उन युवाओं के लिए एक बड़ा संबल है जो 4 साल की सैन्य सेवा के बाद पुलिस बल में शामिल होकर देश की सेवा जारी रखना चाहते हैं।
अनुशासन और कौशल का लाभ
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि सेना के अनुशासित माहौल में तैयार हुए ये युवा पुलिस बल की कार्यक्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। उन्हें केवल पुलिसिंग के बुनियादी तौर-तरीकों और कानूनी प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण देना होगा, जिसके बाद वे सीधे फील्ड ड्यूटी के लिए तैयार होंगे। इससे न केवल पुलिस बल को अनुभवी जवान मिलेंगे, बल्कि प्रशिक्षण पर होने वाले समय और खर्च में भी बचत होगी। यह कदम उन सभी कयासों पर विराम लगाता है जो अग्निवीरों के भविष्य को लेकर उठाए जा रहे थे। अब 20% कोटे के साथ, दिल्ली पुलिस में पूर्व-अग्निवीरों की एक बड़ी और अनुशासित टुकड़ी देखने को मिलेगी।

