पटना। न्यूजस्टिच
भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में घिरे किशनगंज के निलंबित डीएसपी गौतम कुमार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की विशेष टीम ने गौतम कुमार से करीब चार घंटे तक सघन पूछताछ की। इस दौरान जांच टीम ने सीमांचल से लेकर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक फैली उनकी अकूत संपत्तियों का कच्चा चिट्ठा उनके सामने रखा।
पूछताछ में आनाकानी और टालमटोल
सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान गौतम कुमार के तेवर काफी असहज रहे। जब ईओयू के अधिकारियों ने सिलीगुड़ी में मिले उनके भव्य मकान और चाय बागानों में किए गए निवेश को लेकर सवाल पूछे, तो वे लगातार जवाब देने में आनाकानी करते रहे। हालांकि गौतम ने अपने ऊपर लगे अधिकांश आरोपों को सिरे से खारिज किया, लेकिन जांच टीम के पास मौजूद दस्तावेजी सबूतों के आगे वे कई बार निरुत्तर भी दिखे।
सीमांचल कनेक्शन और सफेदपोशों की भूमिका
ईओयू की एक टीम पिछले चार दिनों से सीमांचल के इलाकों में कैंप कर रही है। इस टीम ने मुख्यालय को जो इनपुट भेजे हैं, वे काफी चौंकाने वाले हैं। जांच में सामने आया है कि:
•अचल संपत्तियों का अंबार: छापेमारी के दौरान एक दर्जन से अधिक अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे, जिनका सत्यापन अब लगभग पूरा हो चुका है।
•सफेदपोशों से नजदीकी: गौतम कुमार के संबंध सीमांचल के कई रसूखदार ‘सफेदपोश’ लोगों से होने की बात सामने आई है। आशंका है कि इन संपत्तियों के निवेश में इन लोगों ने अहम भूमिका निभाई है।
•बंगाल का निवेश: सिलीगुड़ी में आलीशान कोठी के अलावा चाय बागानों में करोड़ों के निवेश के प्रमाण मिले हैं, जो एक पुलिस अधिकारी की ज्ञात आय से कई गुना अधिक है।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि गौतम कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला तब दर्ज हुआ था जब उनके विभिन्न ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी। उस दौरान भारी मात्रा में नकदी, गहने और जमीन के दस्तावेज बरामद हुए थे। जांच अबतक 80 करोड़ रुपए से अधिक का खुलासा हुआ था। बिहार पुलिस मुख्यालय ने भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
आगे की कार्रवाई
ईओयू अब गौतम कुमार द्वारा दिए गए बयानों का मिलान जब्त दस्तावेजों से कर रही है। सीमांचल में कैंप कर रही टीम के लौटने के बाद इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। जांच एजेंसी अब उन कड़ियों को जोड़ने में जुटी है जिनसे यह पता चल सके कि क्या इस काले साम्राज्य के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था। आने वाले दिनों में गौतम कुमार की अचल संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। फिलहाल, ईओयू की इस कार्रवाई से महकमे के अन्य भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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