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इंस्पेक्टर के घर में स्विमिंग पूल! SDPO गौतम कुमार के बाद शिकंजे में आया किशनगंज SHO अभिषेक रंजन, 55 करोड़ बेनामी संपत्ति का खुलासा

बिहार में प्रशासनिक महकमे किस कदर भ्रष्टाचार व्याप्त है इसका ताजा उदाहरण किशनगंज में पहले SDPO गौतम कुमार के घर मिली आय से अधिक संपत्ति और EOU के छापेमारी से पता चलता है। इसी कड़ी में EOU ने एक ओर पुलिस अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी की जिसमें उन्हें करोड़ों की संपत्ति का पता चला है। दरअसल, आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने किशनगंज के नगर थानाध्यक्ष (सस्पेंड) इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन के पांच ठिकानों पर ईओयू की छापेमारी में जो खुलासे हुए हैं, उसने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। अब तक की जांच में करीब 55 करोड़ रुपये की आय से अधिक और बेनामी संपत्ति के सबूत हाथ लगे हैं।

EOU की टीम ने एक साथ पटना, मुजफ्फरपुर, छपरा और किशनगंज में छापेमारी की। जांच में पता चला है कि अभिषेक रंजन ने भ्रष्टाचार की कमाई से केवल बिहार ही नहीं, बल्कि दिल्ली, पश्चिम बंगाल (सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग) में भी अकूत संपत्ति खड़ी की है।

  • पटना: रामकृष्ण नगर में 4 मंजिला आलीशान मकान, जिसकी कीमत करीब 6 करोड़ रुपये है। इसके सबसे ऊपरी फ्लोर पर प्राइवेट स्विमिंग पूल बना हुआ है।
  • दिल्ली: 6 से 7 फ्लैट्स और कई ट्रकों के मालिक होने के सबूत।
  • मुजफ्फरपुर व छपरा: मुजफ्फरपुर के अहियापुर में पोस्टिंग के दौरान भू-माफिया और बालू माफिया से साठगांठ कर करोड़ों की जमीन खरीदी। छपरा में भी बड़ा मकान मिला है।
  • सिलीगुड़ी व दार्जिलिंग: कई कीमती भूखंड (Plots) खरीदे गए हैं।

जांच एजेंसी के अनुसार, इंस्पेक्टर ने चालाकी बरतते हुए अधिकांश संपत्तियां अपने नाम पर न रखकर अपने साला, साली और ससुराल के अन्य रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी हैं। ईओयू अब इन बेनामी संपत्तियों के कागजात खंगाल रही है।

अभिषेक रंजन के ठिकानों से ईओयू को कई ऐसे बिल मिले हैं जो उनकी लग्जरी लाइफस्टाइल की गवाही देते हैं। साक्ष्यों के अनुसार, वह सपरिवार मुंबई के मशहूर 5 स्टार होटल ताज में लगातार 5 दिनों तक रुकने और घूमने पर लाखों रुपये खर्च कर चुके हैं।

अभिषेक रंजन को निलंबित SDPO गौतम कुमार का सबसे करीबी माना जाता है। कॉल डिटेल्स से खुलासा हुआ है कि वह गौतम कुमार को रोजाना 60 से 65 बार फोन करता था। सूत्रों की मानें तो किशनगंज जिले में थानों की कमान और पुलिस पदाधिकारियों की पोस्टिंग में अभिषेक रंजन का ही ‘दरबार’ लगता था। वह राजनीतिक और पुलिस विभाग के बड़े रसूखदारों (झा जी) का भी कृपा पात्र बताया जा रहा है।

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