आधुनिक युग में हम नेविगेशन के लिए गूगल मैप्स पर इस कदर निर्भर हो चुके हैं कि कभी-कभी यह ‘संकटमोचक’ ही बड़े संकट का कारण बन जाता है। ताजा मामला मोतिहारी जिले के रक्सौल का है, जहाँ सोमवार को गूगल मैप के बताए रास्ते का पालन करना पांच युवकों को भारी पड़ गया। कार सीधे रेलवे ट्रैक पर जा फंसी और तेज रफ्तार अमृत भारत एक्सप्रेस ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।
गूगल मैप के भरोसे अनजान रास्ते पर निकले थे युवक
मिली जानकारी के अनुसार, कार सवार पांच युवक रक्सौल से आदापुर की ओर जा रहे थे। चूंकि वे रास्ते से वाकिफ नहीं थे, इसलिए उन्होंने गूगल मैप का सहारा लिया। मैप ने उन्हें सौनहा माई मंदिर के पास एक अधूरे सैनिक रोड की ओर मोड़ दिया। इसी रास्ते पर रक्सौल-सीतामढ़ी रेलखंड गुजरता है।
ट्रैक पर फंसी कार और सामने से आ गई ‘मौत’
जिस जगह गूगल मैप ने रास्ता दिखाया, वहां न तो सड़क पूरी बनी थी और न ही कोई रेलवे फाटक था। कार जैसे ही पटरी पर पहुँची, वह वहां फंस गई। ठीक उसी वक्त रक्सौल-सीतामढ़ी रेलखंड पर ‘अमृत भारत’ ट्रेन आती दिखाई दी। ट्रेन को अपनी ओर आता देख कार सवार सभी पांचों युवक तुरंत गाड़ी छोड़कर बाहर कूदे और भाग खड़े हुए। कुछ ही सेकंड में ट्रेन ने कार को रौंद दिया, जिससे कार के परखच्चे उड़ गए।
स्थानीय लोगों का आक्रोश: “अधूरा रास्ता और कोई फाटक नहीं”
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जिस स्थान पर यह हादसा हुआ है, वहां सड़क का निर्माण अधूरा है और रेलवे फाटक न होने के बावजूद वाहनों का आवागमन होता रहता है। इस कारण यहाँ अक्सर छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इस घटना ने एक बार फिर गूगल मैप की विश्वसनीयता और रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तकनीक पर आँख मूंदकर भरोसा पड़ सकता है भारी
यह घटना उन सभी वाहन चालकों के लिए एक सबक है जो अनजान रास्तों पर पूरी तरह डिजिटल मैप्स पर निर्भर रहते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मैप्स का उपयोग करते समय स्थानीय संकेतों और जमीनी हकीकत पर भी नजर रखनी चाहिए, विशेषकर रेलवे क्रॉसिंग के पास। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन कार पूरी तरह बर्बाद हो गई। रेल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

