तकनीकी कारणों से ट्रेन के बिलंब होने की बात तो कोई आश्चर्य की बात नहीं है। लेकिन जब ट्रेन का चालक ही ट्रेन चलाने से इनकार कर दे तो यात्रियों की मुश्किलों और रेल अधिकारियों की विवशता को बखूबी समझा जा सकता है। कुछ ऐसा ही होली के दिन, किशनगंज के ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर हुआ जब मालदा से सिलीगुड़ी जा रही डेमू ट्रेन के चालक ने ठाकुरगंज से आगे ट्रेन ले जाने से इनकार कर दिया। चालक ने इसकी वजह यह बताई कि नियमानुसार, उसने 9 घंटे की ड्यूटी पूरा कर लिया है, इसलिए उसका डयूटी ऑवर समाप्त हो गया। इस प्रकार,मालदा से सिलीगुड़ी जा रही ट्रेन संख्या 75719 प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर दोपहर 2:52 बजे से लगभग 7.30 बजे शाम तक खड़ी रही। इससे सैकड़ों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।अंत मे सभी यात्री ट्रेन को छोड़कर वैकल्पिक माध्यम का सहारा लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।
क्या है डयूटी आवर से जुड़े रेल का नियम
यह ट्रेन मालदा से सुबह निर्धारित समय पर रवाना हुई थी। ठाकुरगंज पहुंचने के बाद ड्राइवर ने रेलवे नियमों का हवाला देते हुए अपनी ड्यूटी की समय-सीमा पूरी होने की बात कही और आगे बढ़ने से मना कर दिया।रेलवे के नियमों के अनुसार, लोको पायलट को अधिकतम 9-10 घंटे की ड्यूटी के बाद आराम का अधिकार होता है, ताकि परिचालन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस मामले में ड्राइवर ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेन चलाने से इनकार किया।
मान मनोव्वल पर भी नहीं तैयार हुआ चालक
जब यात्रियों को ट्रेन के खड़ी रहने की वजह की जानकारी मिली तो हैरान रह गए। कुछ लोगों ने शोरगुल भी मचाया और स्टेशन अधीक्षक से समस्या के समाधान का आग्रह किया। अधीक्षक ने चालक और वरीय अधिकारियों से बात कर समाधान का प्रयास किया लेकिन सफलता नही मिली।चालक नियम-कायदे का हवाला देकर अपने निर्णय पर अटल रहा। देर शाम सिलीगुड़ी से आये चालक ने ट्रेन को सिलीगुड़ी के लिए रवाना किया।

