महाराष्ट्र।न्यूजस्टिच
महाराष्ट्र के अमरावती जिले के वरूड क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं और सुरक्षा के दावों पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। यहां एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को उसके अपने ही माता-पिता ने सुरक्षा के नाम पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का शिकार बनाया। इसके बाद माता-पिता पर केस दर्ज कर लिया गया है। इस घटना में एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है?
माता-पिता को इस बात का था संदेह
मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता के माता-पिता को संदेह था कि पड़ोस का एक लड़का उनकी बेटी पर गलत नजर रख रहा है। इस बात को लेकर घर में काफी समय से तनाव था। माता-पिता ने पहले लड़की को उस लड़के के खिलाफ पुलिस में शिकायत करने का दबाव बनाया। लेकिन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने जो रास्ता चुना वह बेहद आपत्तिजनक और कानूनी रूप से अपराध है।
बाल मुंडवाकर घर में बिठाया
लड़के की नजर से बचाने के अजीबोगरीब तर्क के साथ माता-पिता ने अपनी नाबालिग बेटी के सिर के पूरे बाल काट दिए (मुंडवा दिए) और उसे जबरन घर के भीतर रहने पर मजबूर कर दिया। परिजनों का मानना था कि बाल कट जाने के बाद लड़की बाहर नहीं जाएगी और लड़के की नजर उस पर नहीं पड़ेगी।
पीड़िता ने खुद दर्ज कराई शिकायत
इस अमानवीय व्यवहार से आहत होकर नाबालिग लड़की ने किसी तरह पुलिस तक पहुंच बनाई। पीड़िता की आपबीती सुनने के बाद वरूड पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसके माता-पिता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या लड़की को घर के भीतर अन्य प्रकार की शारीरिक या मानसिक यातनाएं भी दी गई थीं।
पुलिस का बयान
वरूड पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार यह बाल उत्पीड़न और गरिमा के हनन का गंभीर मामला है। नाबालिग की शिकायत पर माता-पिता के विरुद्ध संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहराई से जांच जारी है।

