बिहार में सुशासन के दावों के बीच सम्राट राज में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं हैं। पूर्णिया जिले के अनगढ़ थाना क्षेत्र से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। यहाँ दबंगों ने आपसी रंजिश में एक निर्वाचित वार्ड सदस्य को उनके घर के आंगन में ही पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। बेटी के सामने हुई इस नृशंस हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया है। मामले में 6 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें से मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस घटना ने प्रदेश की पुलिसिंग और सत्ता के इकबाल पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
आंगन बना कुरुक्षेत्र : बेटी के सामने तड़पते रहे पिता
मृतक की पहचान 57 वर्षीय मोहम्मद अशफाक अंसारी के रूप में हुई है, जो धुसमल गांव के लोकप्रिय वार्ड सदस्य थे। घटना की चश्मदीद उनकी बेटी सुहाना के अनुसार, आपसी विवाद को लेकर गांव के ही कुछ दबंग अचानक घर की दीवार लांघकर आंगन में घुस आए। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने अशफाक अंसारी पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। बेटी के सामने ही पिता को तब तक पीटा गया जब तक कि उनके प्राण नहीं पखेरू उड़ गए। अंदरूनी चोटें इतनी घातक थीं कि अस्पताल ले जाने का समय भी नहीं मिला।

बेटी ने दिखाई बहादुरी: 6 नामजद, एक गिरफ्तार
पिता की मौत से टूटने के बजाय बेटी सुहाना ने न्याय की लड़ाई लड़ने का फैसला किया। उन्होंने अनगढ़ थाने में 6 लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। आरोपियों में नबसीता, अफसर आलम उर्फ मुन्ना, नैमोद्दीन, नाजमिन, खुशनूर, खुशनंती और नफीस शामिल हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपी को दबोच लिया है और उसे जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गांव में पुलिस कैंप: आरोपियों की तलाश जारी
वारदात की गंभीरता को देखते हुए अनगढ़ थानाध्यक्ष विकास कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। एक आरोपी गिरफ्त में है, जबकि शेष 5 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। गांव में स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
न्याय की गुहार
वार्ड सदस्य की इस तरह घर में घुसकर हत्या ने ग्रामीणों के बीच असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से कड़ी सजा और सुरक्षा की मांग की है। अब सवाल यह है कि क्या आपसी विवाद का समाधान इस तरह की हिंसा ही रह गया है?

