DRI Muzaffarpur team seizing 281 kg ganja hidden under iron ore in a truck at NH-2 Gaya

मुजफ्फरपुर DRI की बड़ी कार्रवाई: लौह अयस्क के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा डेढ़ करोड़ का गांजा जब्त, जम्मू-कश्मीर का ड्राइवर गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर/गया। न्यूजस्टिच
बिहार में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुजफ्फरपुर DRI की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य का उच्च गुणवत्ता वाला गांजा बरामद किया है। इस तस्करी का तरीका इतना शातिर था कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए मादक पदार्थ की खेप को ट्रक में लदे लौह अयस्क (Iron Ore) के नीचे बेहद सावधानी से छिपाया गया था।

NH-2 पर घेराबंदी और बरामदगी
DRI मुजफ्फरपुर की टीम को पुख्ता जानकारी मिली थी कि ओडिशा से नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप उत्तर प्रदेश के वाराणसी की ओर ले जाई जा रही है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने गया जिले के डोभी के पास नेशनल हाईवे-2 (NH-2) पर जाल बिछाया। जैसे ही संदिग्ध ट्रक वहां पहुंचा, टीम ने उसे रुकवा कर तलाशी शुरू की। शुरुआती जांच में ट्रक के ऊपर केवल लौह अयस्क दिखाई दे रहा था, लेकिन जब गहराई से तलाशी ली गई, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। लोहे के अयस्क के नीचे बड़ी चतुराई से पैकेट छिपाए गए थे। वजन करने पर कुल 281 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की अनुमानित कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

जम्मू-कश्मीर का ड्राइवर गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान मौके से ट्रक चला रहे तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान जम्मू-कश्मीर निवासी जावेद इकबाल के रूप में हुई है। DRI की टीम ने ट्रक और नशीले पदार्थ को जब्त कर लिया है और आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है।

ओडिशा से वाराणसी का ‘नार्कोटिक्स रूट’
प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि गांजे की यह बड़ी खेप ओडिशा से लाई जा रही थी और इसे वाराणसी में खपाने की योजना थी। तस्करों ने सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए भारी वाहनों और औद्योगिक कच्चे माल (लौह अयस्क) का सहारा लिया था, ताकि चेकिंग के दौरान किसी को शक न हो।

बड़ी साजिश की आशंका
DRI के अधिकारियों का मानना है कि इस तस्करी के पीछे एक अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ हो सकता है। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस खेप का मुख्य सरगना कौन है और वाराणसी में यह माल किसे डिलीवर किया जाना था। DRI मुजफ्फरपुर की यह कार्रवाई मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार है। हम इसके बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रहे हैं ताकि इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके। मुजफ्फरपुर DRI की इस मुस्तैदी ने साबित कर दिया है कि बिहार के रास्ते होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी पर विभाग की पैनी नजर है। फिलहाल, आरोपी जावेद इकबाल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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