मुजफ्फरपुर।न्यूजस्टिच
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का गायघाट थाना क्षेत्र मंगलवार की आधी रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। पॉक्सो एक्ट के एक आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम और ग्रामीणों के बीच आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। इस हिंसक झड़प में एक बुजुर्ग ग्रामीण की मौत हो गई है, जबकि गायघाट थानाध्यक्ष राजा सिंह और अपर थानाध्यक्ष मनीष कुमार समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस की टीम कांड संख्या 343/23 के आरोपी भिखारी राय को गिरफ्तार करने चोरनिया गांव पहुंची थी। आरोपी पर एक नाबालिग लड़की के साथ अपराध का मामला दर्ज है और अदालत ने उसकी गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। जैसे ही थानाध्यक्ष राजा सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपी को दबोचने की कोशिश की, ग्रामीण उग्र हो गए और पूरी टीम को घेर लिया।
पुलिस और ग्रामीणों के अपने-अपने दावे
घटना के बाद इलाके में भारी तनाव व्याप्त है। दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। एसपी कान्तेश मिश्रा के अनुसार, ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर लाठी-डंडों से हमला किया और फायरिंग शुरू कर दी। थानाध्यक्ष ने आत्मरक्षार्थ हवाई फायरिंग की। इस हमले में पुलिस की गाड़ियां क्षतिग्रस्त कर दी गईं और थानाध्यक्ष समेत चार जवान घायल हो गए, जिनका इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस ने छापेमारी के दौरान महिलाओं और बुजुर्गों के साथ बदसलूकी की। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की ओर से की गई अंधाधुंध फायरिंग में बुजुर्ग ग्रामीण जगत वीर राय को गोली लगी। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
बुजुर्ग की मौत के बाद ग्रामीण उग्र हो गए और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति को बिगड़ता देख जिला मुख्यालय से भारी संख्या में पुलिस बल को चोरनिया गांव भेजा गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन गांव में भारी तनाव का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों की पहचान की जा रही है।

