किशनगंज। न्यूजस्टिच
बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का शिकंजा कसता जा रहा है। किशनगंज के विवादित पूर्व SDPO गौतम कुमार के बाद अब उनके अधीनस्थ रहे टाउन थानाध्यक्ष (SHO) अभिषेक रंजन EOU के रडार पर आ गए हैं। मंगलवार तड़के EOU की टीम ने अभिषेक रंजन के किशनगंज, पटना और छपरा स्थित कुल पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।
किशनगंज से छपरा तक हड़कंप
मंगलवार सुबह किशनगंज टाउन थाना और थाना परिसर स्थित सरकारी आवास पर EOU की 6 सदस्यीय टीम तीन गाड़ियों से पहुंची। इस टीम में एक महिला अधिकारी भी शामिल हैं। टीम ने पहुंचते ही सरकारी आवास और कार्यालय को अपने कब्जे में ले लिया और दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया। वहीं, अभिषेक रंजन के पैतृक गांव सारण (छपरा) के भेल्दी थाना क्षेत्र स्थित पैगा और पटना के रामकृष्ण नगर स्थित ठिकानों पर भी एक साथ दबिश दी गई है।

1.70 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप
जानकारी के अनुसार, अभिषेक रंजन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर मामला दर्ज है। उन पर अपनी ज्ञात आय से 1 करोड़ 70 लाख 22 हजार रुपये अधिक की संपत्ति बनाने का आरोप है। EOU की टीम अब उनके बैंक खातों, जमीन के कागजात और अन्य निवेशों की बारीकी से जांच कर रही है।
क्या रेड की वजह से रुका था तबादला?
चर्चा है कि टाउन थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन का तबादला हाल ही में हुआ था, लेकिन ‘ट्रांसफर पोस्टिंग’ का हवाला देकर उन्हें किशनगंज में ही रोक लिया गया था। अब यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या उन्हें रोकने के पीछे EOU की यह बड़ी कार्रवाई थी, क्योंकि विभाग को उनकी ‘काली करतूतों’ की शिकायतें पहले ही मिल चुकी थीं। जांच पूरी होने के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठ पाएगा।


