पटना । न्यूजस्टिच
बिहार की सियासत में आज एक ऐतिहासिक बदलाव की पटकथा लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज शाम 5 बजे अपने सरकारी आवास (1, अणे मार्ग) पर जेडीयू के सभी सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में न केवल नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर मुहर लगेगी, बल्कि राज्य की नई सत्ता संरचना का खाका भी पेश किया जाएगा।
नीतीश कुमार का बड़ा फैसला: राज्यसभा और स्वास्थ्य कारण
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य कारणों और अपनी व्यक्तिगत इच्छा (सभी चारों सदनों का सदस्य बनने का गौरव) के चलते सक्रिय मुख्यमंत्री पद से हटकर राज्यसभा जाने का मन बना लिया है। उन्होंने 5 मार्च, 2026 को ही राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। हालांकि, वे केंद्र में जाने के बावजूद बिहार सरकार के लिए ‘मार्गदर्शक’ की भूमिका में रहेंगे और शासन उन्हीं के निर्देशों पर चलेगा।
निशांत कुमार: बिहार की राजनीति में नया चेहरा
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला मोड़ नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में एंट्री है।
- नई भूमिका: चर्चा है कि निशांत कुमार जल्द ही जेडीयू की सदस्यता लेंगे और उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।
- संगठनात्मक जिम्मेदारी: निशांत न केवल सरकार में शामिल होंगे, बल्कि पार्टी की गतिविधियों में भी सक्रिय और निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
नई कैबिनेट का संभावित स्वरूप
बिहार में सत्ता हस्तांतरण के साथ-साथ मंत्रिमंडल के विस्तार और फेरबदल की भी तैयारी है:
- एक ही डिप्टी सीएम: माना जा रहा है कि नई व्यवस्था में दो के बजाय एक ही उपमुख्यमंत्री (निशांत कुमार) हो सकता है।
- जेडीयू का दबदबा: जेडीयू कोटे से 15 मंत्री बनाए जाने की संभावना है, ताकि सरकार पर पार्टी की पकड़ मजबूत बनी रहे।

