बिहार की राजनीति में सुशासन बाबू के नाम से मशहूर नीतीश कुमार ने अपनी विरासत की कमान अब अपने पुत्र निशांत कुमार के हाथों में सौंपने का संकेत दे दिया है। जहाँ एक तरफ अनुभवी राजनीति का चार दशकों का सफर है, वहीं दूसरी तरफ एक युवा और शांत छवि का प्रवेश। बिहार के राजनीति में चाणक्य माने जाने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र क्या उनकी ही तरह सर्वमान्य होंगे यह आने वाले दिनों में पता लग जाएगा।मगर विरासत की राजनीति में उदय हो रहे यह सूर्य बिहार की जनता में कितनी रोशनी बिखेड़ेगा यह देखना दिलचस्प होगा।
नीतीश कुमार: गठबंधन की राजनीति के शिखर पुरुष
नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना एक युग के अंत और नए अध्याय की शुरुआत जैसा है। 1974 के जेपी आंदोलन से निकले नीतीश कुमार ने बिहार की सत्ता की धुरी को पूरी तरह बदल दिया। वे मुख्यमंत्री, केंद्रीय रेल मंत्री, और कृषि मंत्री जैसे अहम पदों पर रहे। बिहार को ‘जंगलराज’ की छवि से बाहर निकालकर बुनियादी ढांचे (सड़क, बिजली, शिक्षा) पर काम करने का श्रेय उन्हें जाता है। चारों सदनों (लोकसभा, विधानसभा, विधान परिषद और अब राज्यसभा) का सदस्य बनने का गौरव हासिल करना उनकी व्यक्तिगत इच्छा रही है। स्वास्थ्य कारणों ने इस फैसले को और गति दी है। सक्रिय राजनीति से दूर होकर भी वे जेडीयू के मार्गदर्शक (Super CM) बने रहेंगे।
निशांत कुमार: राजनीति की मौन एंट्री से डिप्टी सीएम तक
निशांत कुमार अब तक लाइमलाइट से दूर रहे हैं, लेकिन अब वे बिहार की सत्ता का दूसरा सबसे बड़ा चेहरा बनने की ओर अग्रसर हैं।
- पृष्ठभूमि: निशांत कुमार पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर (BIT मेसरा से स्नातक) हैं। वे स्वभाव से अत्यंत शांत और आध्यात्मिक माने जाते हैं।
- संपत्ति: वे अपने पिता से भी अधिक संपत्ति के मालिक हैं (पुश्तैनी संपत्ति के कारण), जिसका खुलासा वे हर साल सार्वजनिक रूप से करते रहे हैं।
- राजनीति में जरूरत: जेडीयू के भीतर नीतीश कुमार के बाद एक ‘सर्वमान्य चेहरे’ की तलाश निशांत पर आकर खत्म होती दिख रही है। परिवारवाद के आरोपों के बावजूद, कार्यकर्ताओं में उनकी सादगी को लेकर काफी क्रेज है।
- चुनौती: एक अनुभवी कैबिनेट (15 जेडीयू मंत्री) को संभालना और विपक्षी दलों के हमलों का सामना करना उनके लिए पहली बड़ी परीक्षा होगी।
| विशेषता | नीतीश कुमार (अनुभव) | निशांत कुमार (नई ऊर्जा) |
| शिक्षा | इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग | सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग |
| स्वभाव | रणनीतिकार, मुखर वक्ता | शांत, अध्ययनशील, कम बोलने वाले |
| मुख्य ताकत | प्रशासन पर पकड़ और अनुभव | युवाओं के बीच नई उम्मीद और बेदाग छवि |
| भूमिका | राज्यसभा सांसद / मार्गदर्शक | उपमुख्यमंत्री / पार्टी का चेहरा |

