बिहार की राजधानी पटना में सत्ता परिवर्तन और नई सरकार के गठन के चंद दिनों के भीतर ही बेखौफ अपराधियों ने सुशासन के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। पटना के सबसे वीआईपी इलाकों में रविवार को दिनदहाड़े 5 हथियारबंद बदमाशों ने 20 लाख रुपये की बड़ी लूट को अंजाम दिया। इस घटना ने न केवल पुलिसिया तंत्र, बल्कि नई सरकार के इकबाल पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मारपीट और लूट: CCTV में कैद हुई दहशत
मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय जब अलंकार ज्वेलर के शोरूम में सामान्य कामकाज चल रहा था, तभी दो बाइकों पर सवार 5 अपराधी ग्राहक बनकर दुकान में घुसे। अंदर घुसते ही बदमाशों ने हथियार निकाल लिए और पूरे स्टाफ को बंधक बना लिया। जब दुकानदार ने विरोध करने की कोशिश की, तो अपराधियों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। करीब 10 मिनट तक दुकान में तांडव मचाने के बाद अपराधी लगभग 20 लाख के जेवरात और नकदी समेटकर हवा में हथियार लहराते हुए फरार हो गए। यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।
तेजस्वी यादव का ‘X’ पर तीखा हमला
इस बड़ी लूट के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर मोर्चा खोलते हुए नई सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा हमला बोला। तेजस्वी ने पोस्ट साझा करते हुए तंज कसा:
“बिहार में बीजेपी के मुख्यमंत्री (अथवा सत्ता के शीर्ष) बनते ही अपराधियों की मौज आ गई है। राजधानी के पॉश इलाके में दिनदहाड़े लूट हो रही है। अब देखना यह है कि नए नवेले मुख्यमंत्री अपनी जुबान से अपराध खत्म करेंगे या अपराधियों को पकड़ने से पहले उनकी ‘जाति’ ढूंढेंगे? क्या अब जाति के आधार पर प्रतिकूल और अनुकूल बयान जारी किए जाएंगे?”
नई सरकार, ‘स्मार्ट’ अपराधी और पुरानी चुनौतियां
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सत्ता बदलते ही अपराधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर सरकार को खुली चुनौती दी है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार केवल बयानों तक सीमित है, जबकि अपराधी अब ‘स्मार्ट’ होकर राजधानी के दिल में डकैती डाल रहे हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर छापेमारी की जा रही है और जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन सवाल वही है—क्या बिहार में सत्ता बदलने से सिर्फ चेहरे बदले हैं, या आम जनता की सुरक्षा की स्थिति भी बदलेगी?

